- मॉकड्रिल : चारों उपमंडल में लोगों को आपदा से निपटने के लिए किया जागरूक
-आपदा का शिकार हुए पीड़ित परिवारों को 25 हजार की फौरी राहत
-जिला प्रशासन ने आपदा से निपटने में दिखाई अपनी क्षमताएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारी को जांचने और आपात स्थिति से निपटने के लिए चारों उपमंडलों में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। मॉकड्रिल के तहत जिला प्रशासन ने आपदा से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। जिले भर में इस मॉकड्रिल के दौरान 357 लोगों को रेस्क्यू किया गया।
जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त नरेंद्र अहलूवालिया ने बताया कि मॉकड्रिल के तहत सुबह 9:00 बजे झंडूता उपमंडल के सुन्हाणी में बाढ़ की आशंका जताई गई। इसके बाद स्कूल के बच्चों सहित स्थानीय लोगों को रेस्क्यू करने का काम शुरू किया गया। यहां पर 214 लोगों को रेस्क्यू किया गया। इसमें सुन्हाणी स्कूल के 189 बच्चों सहित सहित 25 स्थानीय लोगों को रेस्क्यू कर राहत शिविर में भर्ती किया गया।
उपमंडल घुमारवीं में नाले के पानी में उफान के चलते 13 गांव प्रभावित हुए इनमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर 55 लोगों को रेस्क्यू किया गया। इसमें तीन लोग की मृत्यु हो गई। आपदा में शिकार हुए तीन लोगों के परिवार को फौरी राहत के तौर पर 25-25 हजार रुपये की राशि दी गई और 10 गंभीर रूप से घायलों को घुमारवीं अस्पताल भेजा गया। 25 आंशिक रूप से घायलों को राहत शिविर कोठी में शिफ्ट किया गया। इसमें 17 लोग को मामूली चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
इसी प्रकार बिलासपुर सदर के तहत बध्यात में भूस्खलन के कारण 15 लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना प्राप्त हुई। इस पर पुलिस विभाग और होमगार्ड के कर्मचारियों ने मिलकर रेस्क्यू किया। 15 लोगों में नौ पुरुष और चार महिलाएं शामिल थीं। घायलों को आईटीआई बिलासपुर में बनाए गए रिलीफ कैंप में उपचार के लिए भेजा गया। 15 लोगों में से दो लोगों की गंभीर हालत होने के कारण क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर भेजा गया।
उपमंडल श्री नयना देवी जी के मंदिर परिसर के साथ भूस्खलन होने के कारण मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई और 10 लोगों के घायल होने की सूचना मिली। रेस्क्यू की टीम ने मौके पर पहुंचकर 10 लोगों को बचाया और सभी लोगों को राहत शिविर में एंबुलेंस के माध्यम से पहुंचाया। छह घायलों को राहत शिविर में उपचार के लिए भेजा गया, जबकि चार लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया।
कोलडैम से अधिक पानी छोड़ने पर बाढ़ के चलते लव कुश टनल के पास 61 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली। इस पर रेस्क्यू टीम रवाना हुई और सभी लोगों को रेस्क्यू टीम द्वारा बचाकर राहत शिविर पहुंचाया गया। इसी प्रकार क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में चार लोगों को क्रू मैनेजमेंट बल्क पेशेंट हैंडलिंग के तहत चार लोगों को रेस्क्यू किया गया।