- राजेश धर्माणी, बंबर ठाकुर, रामलाल ठाकुर के विस क्षेत्र से अनुराग को लीड
-सीएम की पांच-पांच जनसभाएं कराने के बाद भी अनुराग की लीड रोकने में हुए नाकाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लोकसभा चुनाव में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में बिलासपुर से कैबिनेट मंत्री समेत कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता अपने विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी को लीड दिलाने में असमर्थ रहे। एक तरफ जहां चुनावों से पहले जिले में कांग्रेस चुनाव को लेकर उत्साहित थी, वहीं अब चुनाव के बाद के परिणामों ने निराश किया है। हालांकि इस चुनाव में कांग्रेस अनुराग के वोट बैंक में सेंध लगाने में कामयाब हुई है, लेकिन लीड तोड़ने में सफलता नहीं मिली है।
माना जा रहा था कि जिले में कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी के विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं, पूर्व मंत्री रामलाल के विधानसभा क्षेत्र श्री नयना देवी जी, पूर्व विधायक सदर बंबर ठाकुर जिस तरह से चुनाव में सक्रिय रहे हैं, उससे सतपाल रायजादा को घुमारवीं, सदर से तो बढ़त मिलेगी। हालांकि श्री नयना देवी जी और झंडूता से अनुराग को लीड मिलने की संभावना थी। हैरानी का विषय रहा कि कैबिनेट मंत्री के विधानसभा क्षेत्र से भी अनुराग ठाकुर को बढ़त मिली। अनुराग ठाकुर को सदर बिलासपुर से कुल 35,806 वोट पड़े। वहीं रायजादा को 24,552 मत मिले। सदर से वर्तमान में भाजपा के विधायक त्रिलोक जमवाल हैं। यहां से अनुराग को 11,254 वोट की बढ़त मिली। झंडूता से भाजपा के विधायक जीत राम कटवाल हैं। यहां से अनुराग को 35,376 वोट, रायजादा को 22,464 वोट मिले। इस विस क्षेत्र से अनुराग को 12,912 वोट की बढ़त है। श्री नयना देवी जी से वर्तमान में भाजपा के विधायक रणधीर शर्मा हैं। यहां से अनुराग को 29,695, जबकि रायजादा को 24,185 वोट मिले हैं। यहां से अनुराग को 5,510 वोट की लीड है। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी के विधानसभा क्षेत्र से अनुराग ठाकुर को सबसे ज्यादा 13,753 वोट की लीड मिली है। यहां से अनुराग को 38,529, रायजादा को 24,776 वोट मिले हैं। कुल मिलाकर बात करें तो कांग्रेस के प्रतिनिधि जिले से भाजपा के प्रत्याशी की लीड कम करने में भले ही सफल रहे हों, लेकिन वह अपने प्रत्याशी को लीड दिलाने में असफल रहे हैं। जिले में अनुराग ठाकुर के लिए जेपी नड्डा के अलावा किसी भी बड़े नेता ने कोई रैली नहीं की। वहीं रायजादा के लिए खुद सीएम सुक्खू ने बिलासपुर में पांच जनसभाएं की थी। कांग्रेस के नेता जिले में अपनी साख बचाने में नाकाम रहे।