सर्वे तक ही सिमटकर रह गई भानूपल्ली-बिलासपुर रेलवे लाइन के लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु की कृपा दृष्टि पड़ गई है। रेल बजट में रेलवे लाइन के लिए 190 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
इससे पंजाब राज्य से सटे बिलासपुर जिला तक जल्द रेलवे लाइन पहुंचने की उम्मीद प्रबल हो गई है। 20 किलोमीटर के इस ट्रैक पर लगभग सात टनलों का भी निर्माण किया जाएगा।
वर्षों से कागजों में ही दौड़ रही भानूपल्ली-बिलासपुर रेलवे लाइन के लिए रेलवे बजट को बजट मिलने से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। इससे इस रेलवे लाइन के निर्माण को गति मिलने की संभावना है।
रेलवे लाइन को सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र सरकार की इसी ट्रैक से होते हुए रेलवे लाइन को मंडी, कुल्लू-मनाली होते हुए भारतीय सीमा से सटे लेह-लद्दाख तक पहुंचाने की योजना है।
गौरतलब है कि पहले चरण में भानूपल्ली से बिलासपुर रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए अंतिम सर्वे का कार्य आरंभ कर दिया गया है। रेल लाइन का कार्य भारतीय रेल विकास निगम को सौंपा गया है।
बिलासपुर तक रेलवे लाइन के तहत 20 किलोमीटर का हिस्सा आ रहा है। इसमें पंजाब के नौ और हिमाचल प्रदेश के 11 गांव आएंगे।
हिमाचल सरकार की ओर से तैनात भू अर्जन विभाग ने भी सर्वे का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। भानूपल्ली से बिलासपुर बैरी तक प्रस्तावित पहले चरण के तहत नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के धरोट तक बनेगा।
धरोट में प्लेटफार्म का निर्माण प्रस्तावित है। यहां से शक्तिपीठ नयनादेवी मंदिर की दूरी लगभग 14 किलोमीटर रहेगी। ऐसे में देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक स्थल तक पहुंचना आसान हो जाएगा।