ग्राम पंचायत लद्दा के रणसल गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, जीवन के उत्थान का है सशक्त माध्यम
माता-पिता की सेवा और गुरु का सम्मान ही वास्तविक धर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़(बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की लद्दा पंचायत के गांव रणसल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास पंडित सुरजीत ने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा के शुद्धिकरण और जीवन के उत्थान का सशक्त माध्यम है।
कथा के चौथे दिन पंडित सुरजीत ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोपियों के निस्वार्थ प्रेम का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि आज के इस भागदौड़ भरे और भौतिकवादी युग में मनुष्य ईर्ष्या और तनाव में फंस गया है। ऐसे में भागवत कथा ही संयम, करुणा और परोपकार का सच्चा मार्ग दिखाती है। युवा पीढ़ी को प्रेरित करते हुए कथा व्यास ने कहा कि माता-पिता की सेवा और गुरु का सम्मान ही वास्तविक धर्म है।
उन्होंने युवाओं से नशे और बुरी संगति का त्याग कर धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। जिस घर में कीर्तन और प्रभु का स्मरण होता है, वहां दरिद्रता नहीं बल्कि सुख-शांति का वास होता है। कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए।