नयनादेवी और झंडूता विधानसभा को जोड़ने वाले बवखाल पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। अधर में लटके इस पुल के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। नए सिरे से बनने वाले पुल की डीपीआर तैयार करने के लिए प्रदेश सरकार ने 35 लाख रुपये का बजट भी मंजूर कर दिया है।
कृषि उपज एवं विपणन समिति के अध्यक्ष विवेक कुमार ने पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले में कोटधार क्षेत्र पिछड़ा क्षेत्र में गिना जाता है। इस पुल के बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो, इसके लिए ई- टैंडरिंग की जा रही है।
इसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त है। पुल की डीपीआर केंद्रीय परिवहन एवं सड़क मंत्रालय से मान्यता प्राप्त कंसलटेंसी से की जाएगी। तकनीकी खामी के कारण पुल का निर्माण कार्य अधर में लटक गया था।
पूर्व में भाजपा सरकार ने इस पुल के कार्य को आगे बढ़ाने की जहमत नहीं उठाई। हां, इस पुल पर राजनीति जरूर की। अब प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने पुल निर्माण को पूरा करने की कवायद शुरू की है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने लोगों को फिर से बवखाल पुल निर्माण शुरू करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद ही पुल की डीपीआर को तैयार करवाने के लिए 35 लाख का बजट स्वीकृत हुआ है। पुल की डीपीआर तैयार होते ही पुल का कार्य भी आरंभ कर दिया जाएगा।
क्षेत्र के लोग पिछले काफी वर्षों से पुल निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। पुल न होने से लोगों को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। पुल बनने से लोगों को बिलासपुर आवागमन की सुविधा मिलेगी। अभी यहां के लोगों को हर रोज गोबिंदसागर झील में बोट के जरिये सफर करके बिलासपुर पहुंचना पड़ता है।