बोला, तीन साल तक किस्त भरी, अब बैंक क्लेम देने से मना कर रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के एक युवक ने सरकारी बैंक की घुमारवीं शाखा पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। युवक ने बैंक पर उसकी दुर्घटनाग्रस्त जेसीबी का इंश्योरेंस क्लेम न देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बैंक उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। इसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान है।
घुमारवीं के गांव तडोंन के धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि तीन साल पहले बैंक की घुमारवीं शाखा से लोन लेकर जेसीबी मशीन खरीदी। उसका इंश्योरेंस पहले तो एक निजी कंपनी से हुआ था। दूसरे साल बैंक के स्थानीय मैनेजर ने उसे बैंक से ही इंश्योरेंस कराने की सलाह दी। इसके बाद उसने बैंक के एजेंट से संपर्क किया, जिसने इंश्योरेंस फार्म भरवाया और 30 हजार रुपये प्रीमियम लिया। वह लगातार तीन साल से इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान कर रहा था। 16 दिसंबर 2024 को धर्मेंद्र की जेसीबी मशीन भगेड़ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इससे करीब 8 लाख रुपये का नुकसान हुआ। जेसीबी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसने बैंक की शाखा घुमारवीं से एजेंट को बुलाया। एजेंट ने दुर्घटनाग्रस्त मशीन का निरीक्षण किया और उसके बाद क्लेम फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाए और आश्वासन दिया। दुर्घटनाग्रस्त जेसीबी को मंडी एजेंसी में ले जाकर काम करवाने को कहा और बताया कि उसे पूरा क्लेम दिया दिया जाएगा।
धर्मेंद्र ने आरोप लगाया कि अब बैंक इंश्योरेंस क्लेम देने से इनकार कर रहा है। जेसीबी को मंडी स्थित एजेंसी में भेजा गया था। एजेंसी अब उससे प्रतिदिन 3 हजार रुपये का किराया मांग रही है। जेसीबी मशीन ही उसका आजीविका का एकमात्र साधन है और वह इससे ही अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। वह चार साल से समय पर लोन की किस्त चुका रहा था, लेकिन अब जब जेसीबी दुर्घटनाग्रस्त हो गई तो बैंक उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। जब बैंक ने उसकी बात नहीं मानी तो उसने पुलिस स्टेशन में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने उसे रोजनामचा लिखकर कोर्ट जाने की सलाह दी और कोई कार्रवाई नहीं की। जब इस मामले में बैंक की घुमारवीं शाखा के ब्रांच मैनेजर से संपर्क किया गया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।