डिजिटल न चलाएं
बस की टाई रॉड खराब होने से आई दिक्कत, ओवरलोड थी बस
कुछ दिन पहले भी चलती बस हुई थी खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बंदला बस रूट पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया, जब सवारियों से भरी एक बस अचानक तकनीकी खराबी के चलते अनियंत्रित हो गई। गनीमत यह रही कि सड़क किनारे लगे पोल से टकराकर बस रुक गई, अन्यथा बस गहरी खाई में गिर सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस में करीब 40 से अधिक सवारियां मौजूद थीं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जानकारी के अनुसार बस ब्रह्मपुखर से बाया बंदला की ओर आ रही थी। जैसे ही बस धमणा से थोड़ा आगे पहुंची, तभी अचानक बस की टाई रॉड खराब हो गई। उस समय बस उतराई पर थी, जिससे चालक का बस पर नियंत्रण कमजोर पड़ गया। स्थिति गंभीर होती देख चालक ने बस को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे की ओर बढ़ने लगी। इसी दौरान सड़क किनारे लगे पोल बस के सामने आ गए और बस उनसे टकराकर रुक गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये पोल करीब एक सप्ताह पहले ही लगाए गए थे। यही पोल इस घटना में रक्षक साबित हुए और बस को खाई में गिरने से बचा लिया। जहां बस रुकी, उसके ठीक नीचे गहरी खाई है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि बस पोल से नहीं टकराती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। बस में सवार यात्री घबरा गए। बताया जा रहा है कि बस की टाई रॉड अचानक खराब हो गई, जिससे स्टेयरिंग पर नियंत्रण खत्म हो गया। उतराई होने के कारण बस की गति भी बढ़ गई थी, जिससे स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई। समय रहते बस पोल से टकराकर रुक गई, जिससे सभी यात्रियों की जान बच गई। बता दें कि बंदला क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। कुछ दिन पहले चनालग के पास भी चलती बस में खराबी आने से बड़ा हादसा टल गया था। बंदला पंचायत के निवर्तमान प्रधान सतीश ठाकुर ने कहा कि इस सड़क पर पहले भी परिवहन निगम की बसें खराब हुई हैं, उसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने प्रबंधन से मांग उठाई कि इस रूट पर बस को जांच करने के बाद भेजा जाए, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक लखनपाल ने बताया कि टाई रॉड खराब होने से समस्या हुई है। यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन निगम प्रयासरत है।
हादसे का शिकार हुई बंदला बस। स्रोत: जागरूक पाठक