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Bilaspur News: एक किलो चरस और पिस्टल के साथ पकड़े हरियाणा के छात्र की जमानत याचिका खारिज

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जून 2025 को बलोह टोल से 100 मीटर दूर भगेड़ में पकड़ा था आरोपी
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विशेष न्यायाधीश-दो बिलासपुर की अदालत ने सुनाया आदेश

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश-दो नवीश भारद्वाज बिलासपुर की अदालत ने हरियाणा के पंचकूला निवासी एक छात्र की जमानत याचिका को यह कहते हुए सिरे से खारिज कर दिया कि बरामद नशे की मात्रा व्यावसायिक है और ऐसे मामलों में राहत देना समाज के लिए घातक साबित हो सकता है।
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पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी और उसके साथियों ने यह चरस कुल्लू के कटराईं निवासी एक टैक्सी चालक से 1 लाख 31 हजार रुपये में खरीदी थी। पुलिस ने सप्लाई चेन का पर्दाफाश करते हुए आरोपी सप्लायर को भी दबोच लिया है। आरोपियों के पास से चरस के साथ-साथ एक पिस्टल भी बरामद हुई थी। मामला 1 जून 2025 का है। घुमारवीं पुलिस की टीम फोरलेन पर बलोह टोल से 100 मीटर दूर भगेड़ में गश्त और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। शाम करीब 7:00 बजे मंडी की ओर से आ रही एक सफेद रंग की कार को जांच के लिए रोका गया। कार में चालक अभय सहित चार युवक सवार थे। पुलिस ने जब चालक से गाड़ी के दस्तावेज मांगे, तो वह घबरा गया। शक होने पर पुलिस ने एक स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में कार की तलाशी ली। कार के डैशबोर्ड में छिपाकर रखा गया एक पीला बैग बरामद हुआ। जब इसे खोला गया तो 1 किलो 63 ग्राम चरस और एक पिस्टल मिली। आरोपी के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी एक छात्र है और जेल में रहने से उसकी पढ़ाई और भविष्य बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने वजन करते समय पॉलिथीन का भार भी जोड़ दिया है और गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। वहीं, सरकारी वकील अभय गुप्ता ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेलने का काम कर रहे हैं। इनके पास से हथियार भी मिला है, जो किसी बड़ी वारदात की ओर इशारा करता है। न्यायाधीश ने सख्त आदेश सुनाते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि एनडीपीएस एक्ट में कमर्शियल मात्रा के मामलों में जमानत देना एक अपवाद है, नियम नहीं। बरामद नशे की मात्रा बहुत अधिक है। तकनीकी पहलुओं (वजन या प्रक्रिया की कमी) पर सुनवाई ट्रायल के दौरान होगी, न कि जमानत के वक्त। आरोपी यह साबित नहीं कर पाया कि वह भविष्य में ऐसा अपराध दोबारा नहीं करेगा। अदालत ने आरोपी अभय की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए उसे जेल भेजने के आदेश दिए।
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