25 हजार के मुचलके व 20 फीसदी मुआवजा जमा करने की शर्त पर दी जमानत
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने सुनाया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। चेक बाउंस के एक मामले में दोषी करार दिए गए व्यक्ति को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत से राहत मिली है। अदालत ने दोषी की सजा को निलंबित करते हुए उसे शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) कोर्ट नंबर-2, घुमारवीं ने 2 मार्च 2026 को दिए निर्णय और 12 मार्च 2026 को पारित सजा आदेश में आरोपी को धारा 138, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा आरोपी को शिकायतकर्ता बैंक को आठ लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश भी दिए गए थे। दोषी ने उक्त निर्णय को सत्र न्यायालय में चुनौती दी, जिस पर अदालत ने अपील को स्वीकार कर लिया। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ट्रायल के दौरान जमानत पर था और मामले की अपील के निपटारे में समय लग सकता है। साथ ही अपील में विचारणीय बिंदु भी मौजूद हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दोषी को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर रिहा किया जाए। साथ ही उसे 30 दिनों के भीतर मुआवजा राशि का 20 प्रतिशत संबंधित ट्रायल कोर्ट में जमा करना होगा। इन शर्तों के साथ अदालत ने सजा को फिलहाल निलंबित कर दिया है। मामले से संबंधित अभिलेखों को अपील के साथ संलग्न करने के निर्देश भी दिए गए हैं।