बिलासपुर में बाबा नाहर सिंह जी के मंदिर में चांदी की परत चढ़ाने का काम करते कारीगर । संवाद
- एक श्रद्धालु की ओर से गुप्त रूप से कराया जा रहा चांदी की परत चढ़ाने का काम
- मंडी के सुनार ने दो माह में की चांदी की परत पर सुंदर नक्काशी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर के आराध्य देव बाबा नाहर सिंह जी का मुख्य मंदिर और गर्भगृह अब चांदी की परत से मढ़ा हुआ नजर आएगा। कारीगर दो दिन से मुख्य मंदिर और गर्भगृह में चांदी परत लगाने का काम कर रहे हैं।
चांदी की परत लगाने का सारा काम एक श्रद्धालु की ओर से गुप्त रूप से कराया जा रहा है। इसमें कितना चांदी लगेगा और कितना खर्च आएगा, इसे श्रद्धालु की ओर से मंदिर समिति को गुप्त रखने का आग्रह किया गया है। चांदी की परतों में बेहद खूबसूरत नक्काशी की गई है। चांदी का सारा काम मंडी के एक सुनार ने किया है। सुनार की ओर चांदी की प्लेट अपनी वर्कशॉप में दो माह में तैयार की गई हैं। दो माह पहले मंदिर का नाप आदि लिया गया था। चांदी की परत लगने के बाद गर्भ गृह और मुख्य मंदिर बेहद खूबसूरत नजर आने लगा है। बता दें कि मुख्यालय स्थित धौलरा नामक स्थान पर मौजूद बाबा नाहर सिंह मंदिर में भक्तों की अपार आस्था है। पुजारियों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण सन 1650 में कराया गया था। ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्ति यहां सच्चे मन से मनोकामना मांगता है उसे बाबा नाहर सिंह जरूर पूरा करते हैं। बिलासपुर के आराध्य देव बाबा नाहर सिंह उन 52 वीरों में से एक है, जिनका वर्णन धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है। अब बाबा नाहर के दर्शन के लिए श्रद्धालु प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित पंजाब, दिल्ली से भी आते हैं।