डीसी बोले, नशा मुक्त युवा और सम्मानित बुजुर्ग ही विकसित समाज की नींव
27 अति संवेदनशील पंचायतों में दीवार लेखन, नुक्कड़ नाटक और रैलियों से चल रहा अभियान
इस वर्ष 100 वरिष्ठ नागरिकों के निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले की 27 अति संवेदनशील ग्राम पंचायतों में नशे के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक डेढ़ लाख से अधिक लोगों को जागरूक किया जा चुका है। उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि नशा मुक्त युवा और सम्मानित वरिष्ठ नागरिक ही विकसित समाज की पहचान हैं।
बुधवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से राजकीय डिग्री कॉलेज बिलासपुर में नशा मुक्त भारत अभियान और प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उपायुक्त ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। वहीं परिवारों में बुजुर्गों को सम्मान और अपनापन मिलना भी उतना ही जरूरी है। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण से हुई। उपायुक्त ने विद्यार्थियों से पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल करने का भी आह्वान किया। उन्होंने बताया कि जिले की 27 चिन्हित पंचायतों में दीवार लेखन, स्लोगन, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैलियां, ग्राम सभाएं, स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार नशा विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन प्रहार कार्यक्रम के तहत जागरूकता, परामर्श, पुनर्वास और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित कर रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में संचालित ओपिऑयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी सेंटर में नशे के आदी लोगों का उपचार किया जा रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर, डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास और सामाजिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गत वित्तीय वर्ष में 45 वरिष्ठ नागरिकों के निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन करवाए गए थे, जबकि इस वर्ष 100 ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के डॉ. दीपक गुरंग ने नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। एएसआई विनोद कुमार ने साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए। मानव सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रकाश चंद बंसल और सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के प्रतिनिधि सुशील पंडित ने भी विद्यार्थियों को बुजुर्गों के सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।