21 साल से अधूर है वादा, : सड़क नहीं हुई पक्की
ग्रामीणों को हर बरसात में झेलनी पड़ती हैं परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं( बिलासपुर)। झंडूता विकासखंड के कोटधार क्षेत्र की ग्राम पंचायत मलरांव में शहीद नरेश कुमार के नाम से घोषित सड़क का पक्का करना और उसका नामकरण 21 वर्ष बाद भी अधूरा है। नवंबर 2003 में शहीद हुए नरेश कुमार की स्मृति में टीहरी से बोहडवी गलू सड़क का नामकरण और पक्का कराने की घोषणा तत्कालीन सरकार ने की थी। लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ और कागजों में ही सिमटकर रह गया।
ग्रामीणों ने बताया कि 2003 में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद नरेश कुमार ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए थे। उनकी स्मृति में सड़क का नामकरण और पक्का करना एक ऐतिहासिक कदम होता। लेकिन अब तक न तो सड़क का नामकरण हुआ और न ही इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ। इस सड़क का खराब हाल होने के कारण मलरांव, सनीहरा, भड़ोलीं कला, डुढियां, कलोल, और धनीपखर के हजारों लोगों को बरसात के दौरान आवागमन में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में सड़क कीचड़ और पानी से भर जाती है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि झंडूता तहसील मुख्यालय, कलोल जाने के लिए उन्हें 20 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। यदि इस सड़क का निर्माण हो जाए तो यह दूरी बहुत कम हो जाएगी, जिससे समय और धन की बचत होगी। शहीद की पत्नी निशा कुमारी ने बताया कि सड़क का नामकरण और पक्का कराने के लिए वे और उनके ससुर ओंकार सिंह कई बार अधिकारियों और सरकार से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
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मुख्यमंत्री से मिलकर लगाई गुहार
हाल ही में शहीद के परिवार ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलकर इस सड़क का नामकरण शहीद नरेश कुमार के नाम पर करने और इसके पक्का कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि यह केवल शहीद को सम्मान देने का मामला नहीं है, बल्कि इससे नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जागृत होगी। पूर्व सैनिक कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष कैप्टन संजय कुमार और जिला कल्याण अधिकारी कैप्टन रमेश शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने भी सरकार से जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की है।
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शहीद को सम्मान और विकास की दरकार
शहीद नरेश कुमार की स्मृति में सड़क का निर्माण न केवल क्षेत्र के लोगों के लिए राहत प्रदान करेगा बल्कि यह उन वीर जवानों के सम्मान में भी एक प्रतीक होगा, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
झंडूता में ग्राम पंचायत मलरांव की खस्ताहाल सड़क । संवाद