दो साल से चारपहिया वाहन का इंतजार, हादसों में देरी से पहुंच रही पुलिस
दो वर्ष पहले औहर में नया पुलिस थाना तो खोल दिया, नहीं मिले चार पहिया वाहन
गरामोड़ा से बलोह टोल प्लाजा तक फैले क्षेत्र को कवर करता है टीटीआर थाना औहर
नीरज महाजन
भराड़ी (बिलासपुर)। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर यातायात व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो वर्ष पहले औहर में नया पुलिस थाना तो खोल दिया गया, मगर दो साल बीत जाने के बाद भी यह थाना आज तक चारपहिया वाहन से वंचित है। करीब 43 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर दिन-रात गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों को अब भी मोटरसाइकिलों के सहारे ही ड्यूटी निभानी पड़ रही है।
गरामोड़ा से बलोह टोल प्लाजा तक फैले क्षेत्र को थाना औहर कवर करता है। यह हिस्सा ट्रैफिक के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। बावजूद इसके थाने के पास कोई जीप या कार नहीं है। ऐसे में किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में पुलिस कर्मियों को मौके पर पहुंचने के लिए मोटरसाइकिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार उन्हें अन्य थानों से वाहन मंगवाने या टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है, जिससे कीमती समय नष्ट हो जाता है। थाने में तैनात 23 पुलिस कर्मी नियमित गश्त, ट्रैफिक नियंत्रण, दुर्घटनाओं में राहत कार्य और सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। लेकिन चारपहिया वाहन न होने से उनके लिए यह काम चुनौतीपूर्ण बन गया है। लोगों का कहना है कि थाने की स्थापना के बाद उनसे उम्मीद थी कि फोरलेन पर दुर्घटनाओं और जाम की स्थिति से तुरंत निपटा जा सकेगा, परंतु संसाधनों की कमी से पुलिस सीमित दायरे में ही काम कर पा रही है। सर्दियों के दौरान इस क्षेत्र में धुंध और बारिश आम बात है। ऐसे में मोटरसाइकिल से गश्त करना न तो सुरक्षित है और न ही कारगर।
दुर्घटनाओं या ट्रैफिक जाम की स्थिति में पुलिस का समय पर न पहुंच पाना यात्रियों के लिए खतरा बन जाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि औहर थाना को जल्द से जल्द चारपहिया वाहन उपलब्ध करवाया जाए, ताकि पुलिस समय पर राहत कार्यों में जुट सके और यात्रियों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी ने कहा कि थाने में मोटरसाइकिल उपलब्ध हैं। चारपहिया वाहन के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। जैसे ही वाहन उपलब्ध होगा, औहर थाने में भेज दिया जाएगा। संवाद