5-डोगरा बटालियन के समारोह में सेना में कार्यरत अधिकारियों के साथ भूतपूर्व सैनिक।
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झंडूता(बिलासपुर)। 5-डोगरा बटालियन का इतिहास 1942 वर्मा देश के साथ लड़ाई में भाग लेने के साथ जुड़ा हुआ है लेकिन बटालियल का गठन 6 फरवरी 1963 को हुआ था। बटालियन ने सर्वप्रथम 1992 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया था और बटालियन को देश के राष्ट्रपति व सेना अध्यक्ष ने प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया था।
यह बात 5-डोगरा बटालियन के 58वें स्थापना दिवस पर भूतपूर्व सैनिकों व कार्यरत सैनिकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मेजर ऑनरी कै. राय सिंह और कै. कृष्ण कुमार ने कही। इस सम्मेलन में पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के सैकड़ों 5-डोगरा के भूतपूर्व सैनिकों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना कि 5-डोगरा बटालियन पहली ऐसी बटालियन है जिसे लगातार 5 बार प्रशंसा पत्र मिले हैं जिसके बाद इस बटालियन को विदेशों में भी जाने का मौका मिला है।
इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित 1981 से 1983 वॉलीबाल के हीरो सूबेदार मेजर रूप लाल आजाद ने देश तथा विदेशों में भी टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने अपनी वॉलीबाल टीम के सदस्य हवलदार रमेश चंद, सीएचएम गजन सिंह, कैप्टन हरबंस भभोरिया, कै. कश्मीर सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने इस अवसर पर अपनी यादें साझा की। कार्यक्रम में भारतीय सेना में कार्यरत कर्नल सुधीर चौहान, कर्नल तरसेम लाल प्रीतम सिंह ठाकुर, सेना की बटालियन में कार्यरत 30 सैनिकों सहित 180 पूर्व सेना अधिकारियों व सैनिकों ने भाग लिया।