बिलासपुर कॉलेज में आयोजित एबीवीपी की बैठक में मौजूद विद्यार्थी। स्रोत: एबीवीपी
बिलासपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की बिलासपुर महाविद्यालय इकाई की ओर से शुक्रवार को विद्यार्थियों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने एबीवीपी के इतिहास, कार्यशैली और छात्र हितों के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश संगठन मंत्री धनदेव ठाकुर ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थापना 9 जुलाई 1949 को हुई थी। स्थापना के बाद से संगठन विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सामाजिक और राष्ट्रीय हितों के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र हितों की रक्षा और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से कार्य करते हुए एबीवीपी आज विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बन चुका है। वक्ताओं ने कहा कि परिषद केवल छात्र समस्याओं को उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का भी कार्य करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बैठक में जिला संगठन मंत्री मनीष शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आयुष भारद्वाज सहित एबीवीपी बिलासपुर इकाई के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। संवाद