बरठीं (बिलासपुर)। जेबीटी भर्ती में बीएड धारकों को भी पात्र माने से जुड़े न्यायालय के फैसले से नाराज जेबीटी प्रशिक्षुओं का विरोध जारी है। वीरवार को भी जेबीटी प्रशिक्षुओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और डाइट जुखाला में रैली निकालकर रोष जताया। इससे पहले जेबीटी प्रशिक्षुओं ने डीसी बिलासपुर के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
इस मौके पर जेबीटी एवं डीएलएड संघ डाइट जुखाला के अध्यक्ष धनज्ञय ठाकुर सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि हाईकोर्ट ने जो निर्णय लिया है उसके बाद जेबीटी प्रशिक्षुओं को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। फैसले के मुताबिक अगर बीएड धारकों को जेबीटी भर्ती के लिए पात्र माना गया है तो ऐसे में जेबीटी डिप्लोमा धारक को अपनी नौकरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि जेबीटी की बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया में जेबीटी डिप्लोमा धारकों का 2012 बैच चल रहा है। जबकि बीएड धारकों का 1999 का बैच चल रहा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसका किस तरीके से नुकसान जेबीटी डिप्लोमा धारकों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि मांग पूरी न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जेबीटी भर्ती के लिए बीएड धारक पात्र हैं तो सरकार को जेबीटी डिप्लोमा को ही खत्म कर देना चाहिए। विरोध जता रहे जेबीटी प्रशिक्षुओं का कहना है कि यदि उनकी मांग के बाद सरकार मामले में हस्तक्षेप नहीं करती है तो उन्हें मजबूरन अपने हक की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़नी पड़ेगी।