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Bilaspur News: डुमैहर गांव में स्मार्ट मीटरों का ग्रामीणों ने किया विरोध

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कहा, आम जनता को बनाया जा रहा लूट का शिकार
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संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के तहत डुमैहर गांव में बिजली बोर्ड की ओर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के विरोध में ग्रामीणों ने आवाज बुलंद की है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले से ही नियमित रूप से बिजली के बिलों का भुगतान करते आ रहे हैं, ऐसे में स्मार्ट मीटर लगाने की आवश्यकता समझ से परे है।
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महिला मंडल प्रधान कमलेश कुमारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटरों के माध्यम से आम जनता को लूट का शिकार बनाया जा रहा है, क्योंकि कई जगहों पर बिजली के बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आ रहे हैं। इससे मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ग्राम सुधार सभा के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने भी बिजली विभाग की इस योजना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डुमैहर गांव में अनेक ऐसे लोग हैं जो तकनीकी रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि प्री-पेड रिचार्ज प्रणाली को समझ सकें या समय पर रिचार्ज कर सकें। यदि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए तो बुजुर्गों, महिलाओं और कम पढ़े-लिखे ग्रामीणों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। कई बार रिचार्ज खत्म होने पर अचानक बिजली कटने से रोजमर्रा के कामकाज के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई और किसानों के कृषि कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह से सुचारु रूप से चल रही है। उपभोक्ता हर महीने मीटर रीडिंग के आधार पर बिल प्राप्त करते हैं और समय पर उसका भुगतान भी करते हैं। ऐसे में बिना किसी ठोस कारण के इस व्यवस्था को बदलना न तो जनता के हित में है और न ही सरकार के लिए आवश्यक है।
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