ज्योरा स्कूल के पूर्व छात्रों के अभिभावकों ने उठाई मांग
बोले, जांच कमेटी में अभिभावकों को भी शामिल करे एचपी बोर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता विस क्षेत्र के तहत ज्योरा स्कूल के पूर्व छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ हुई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद इसका खुलासा हुआ है। वहीं, रिपोर्ट आने के बाद अभिभावक और इन छात्रों ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से इस मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की कोताही सामने न आए और किसी भी छात्र के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ न हो।
ज्योरा स्कूल के पूर्व छात्रों और उनके अभिभावकों ने फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद परिधि गृह बिलासपुर में इस मामले को लेकर प्रेस वार्ता की। अभिभावकों ने फॉरेंसिक रिपोर्ट को लेकर कहा कि 9 फरवरी 2026 को यह फॉरेंसिक रिपोर्ट आई थी, लेकिन उन्हें इसके बारे में कुछ समय बाद जानकारी मिली। अब रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो गया है कि छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ हुई है। अभिभावकों ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से इस मामले को लेकर एक जांच कमेटी गठित करने की बात कही है लेकिन इस जांच कमेटी में अभिभावकों को भी शामिल किया जाए। इसमें एक पुरुष अभिभावक और एक महिला अभिभावक हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के इतिहास में यह पहला मामला है कि छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ की गई है। यह घटना शर्मनाक है, जिसके चलते प्रदेश सरकार, शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग सहित अन्य उच्च अधिकारियों को इस मसले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
बताते चलें कि 2025 में ज्योरा स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों की 10वीं कक्षा की परीक्षा के बाद पेपर झंडूता स्कूल में स्थापित कलेक्शन सेंटर में भेजे गए। यहां से कुछ समय बाद उत्तर पुस्तिकाएं प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को भेजी गईं। अभिभावकों की मानें तो जिस समय बोर्ड के पास यह उत्तर पुस्तिकाएं भेजी गई थीं उस समय भी कोताही भी सामने आई थी, लेकिन प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से इसे गंभीरता से नहीं लिया गया जिसका खामियाजा बच्चे भुगत रहे हैं। बच्चों की मेरिट प्रभावित हुई। बच्चों को छात्रवृत्तियों से वंचित होना पड़ा। पीड़ित छात्रा अंकिता कुमारी, मोनिका कुमारी, अंजलि, श्रेष्ठा भारती, शालिनी, निधि शर्मा, अक्षय कुमार ने कहा कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ हुई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। जिसके चलते प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को इस मसले को लेकर गंभीर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। नंबर कम आने के चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब बोर्ड की ओर से उन्हें ग्रेस नंबर दिए जाएं। निष्पक्ष जांच करने के साथ ही इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। समाजसेवी सुमन प्रजापति ने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी तरह का भी खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा।