पीड़ित ने एम्स के डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
एम्स के ईडी, जेपी नड्डा सहित सीएम को भेजी है मामले की शिकायत
कार्यकारी निदेशक ने एमएस को सौंपा है मामले की जांच का जिम्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के निहाल सेक्टर की एक महिला ने आंख के इलाज के बाद दृष्टि प्रभावित होने का गंभीर आरोप लगाते हुए एम्स बिलासपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों पर सवाल खड़े किए हैं। पीड़िता का कहना है कि उपचार के बाद उसकी दाईं आंख की रोशनी प्रभावित हो गई है, जिससे उसे देखने में काफी दिक्कत हो रही है।
महिला के अनुसार वह 22 अप्रैल को एम्स में आंखों के इलाज के लिए पहुंची थी। कहा कि उपचार के दौरान लापरवाही बरती गई और गलत तरीके से प्रक्रिया की गई, जिसके चलते उसकी आंख की स्थिति बिगड़ गई। पीड़ित ने बताया कि पहले उसे कुछ हद तक दिखाई देता था, लेकिन अब दाईं आंख से नीचे की ओर बिल्कुल भी स्पष्ट दिखाई नहीं देता। कहा कि अब इलाज व न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। कहा कि आर्थिक रूप से हमारे पास ज्यादा साधन नहीं हैं। मेरे साथ जो हुआ है, उसका न्याय मिलना चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य गरीब के साथ ऐसा न हो। बताया कि उसने मामले की शिकायत संस्थान के निदेशक को देने के साथ केंद्रीय मंत्री जय प्रकाश नड्डा और प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी भेजी है। इसके अलावा उसने मांग की है कि संबंधित असिस्टेंट व अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। कहा कि उनके साथ जो हुआ उसकी जिम्मेदारी तय की जाए। आखिर मेरे नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है, यह सामने आना चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। उधर, एम्स प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रबंधन के अनुसार शिकायत कार्यकारी निदेशक को प्राप्त हुई थी, जिसके बाद मेडिकल सुपरिटेंडेंट को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। एम्स की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक फिलहाल संबंधित विभाग से रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रथम दृष्टया महिला द्वारा लगाए गए आरोप सही प्रतीत नहीं होते, लेकिन अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।