गंभीर मरीजों को जिला स्तर पर ही मिलेगी विश्व स्तरीय जांच सुविधाएं
गंभीर बीमारियों की पहचान होगी आसान, एडवांस प्रोब्स से लैस होगी मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में जल्द ही एक अत्यंत आधुनिक और उच्च क्षमता वाली अल्ट्रासाउंड मशीन (वी2) स्थापित होने जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में इस अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण को खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एम्स प्रबंधन की ओर से इसके लिए बाकायदा सरकारी ई-मार्केटप्लेस के जरिए वैश्विक स्तर की निविदा जारी की जा रही है, जो जून के मध्य तक फाइनल हो जाएगी।
इस नई और एडवांस मशीन के आने से न केवल जिला बिलासपुर, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से आने वाले हजारों मरीजों को बेहद जटिल और गंभीर बीमारियों की सटीक जांच के लिए अब बड़े निजी अस्पतालों या बाहरी राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। एम्स के रेडियोलॉजी विभाग को मिलने जा रही यह अल्ट्रासाउंड मशीन अत्याधुनिक फीचर्स और उच्च संवेदनशीलता वाले कलर डॉप्लर सिस्टम से लैस होगी। इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें इलास्टोग्राफी तकनीक जैसे ई-ब्रेस्ट और ई-थायरॉयड इलास्टोग्राफी की सुविधा मिल सकेगी, जो शरीर में छिपे शुरुआती ट्यूमर या गांठों के कैंसरयुक्त होने का सटीक विश्लेषण करने में सक्षम है। इसके साथ ही गंभीर हृदय रोगों की बारीकी से जांच के लिए इसमें एडवांस कार्डियक प्रोब और नसों व धमनियों में रक्त के प्रवाह को देखने के लिए कलर डॉप्लर 3-डी/4-डी इमेजिंग का विकल्प भी रहेगा। रेडियोलॉजी विभाग की कार्यप्रणाली को तेज करने के लिए मशीन में आटोमेटेड इमेज ऑप्टिमाइजेशन, टच स्क्रीन डिस्प्ले और हाई-स्पीड i7 प्रोसेसर युक्त कंप्यूटर सिस्टम भी अटैच रहेगा, जिससे जांच रिपोर्ट तुरंत और अत्यधिक स्पष्टता के साथ मिल सकेगी। इस उच्च स्तरीय मशीन के स्थापित होने से आम मरीजों को सीधे तौर पर सुविधाएं और लाभ मिलेंगे।
अत्याधुनिक 3-डी और 4-डी लाइव इमेजिंग की मदद से पेट, लिवर, थायरॉयड, ब्रेस्ट और हृदय से जुड़ी जटिल बीमारियों को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जा सकेगा। जो एडवांस टेस्ट निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में हजारों रुपये में होते हैं, वे एम्स में बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध होंगे। बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और सोलन के सीमावर्ती इलाकों के गंभीर मरीजों को अब पीजीआई चंडीगढ़ या शिमला जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। निविदा शर्तों के अनुसार मशीन के साथ जेल वार्मर की सुविधा भी मांगी गई है, जिससे सर्दियों के दौरान ठंडे जेल से मरीजों को होने वाली असुविधा से राहत मिलेगी।