फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: अमेरिकी तकनीक से लैस होगा एम्स का पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग

Thu, 26 Feb 2026 11:43 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
10 से 12 घंटे तक चलने वाली सर्जरी में भी अंगों को रखा जा सकेगा स्थिर
विज्ञापन

बच्चों के सटीक इलाज के लिए खरीदे जा रहे अत्याधुनिक थॉम्पसन रेट्रैक्टर
किडनी-लिवर ट्रांसप्लांट और कैंसर जैसी बड़ी सर्जरी में मिलेगी मदद, जोखिम होगा कम


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश के बच्चों को अब जटिल ऑपरेशनों के लिए दिल्ली या चंडीगढ़ के बड़े अस्पतालों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर अपने पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग को विश्व स्तरीय आधुनिक तकनीक से लैस करने जा रहा है। संस्थान ने बच्चों की संवेदनशील सर्जरी को अधिक सटीक और सुरक्षित बनाने के लिए अमेरिका निर्मित थॉम्पसन एब्डोमिनल रेट्रैक्टर सिस्टम खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह उपकरण विशेष रूप से उन बच्चों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा, जिनके पेट के अंगों का जटिल ऑपरेशन होना है। एम्स प्रशासन ने इसके लिए सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों के अंग बहुत ही कोमल और छोटे होते हैं। सर्जरी के दौरान अंगों को एक जगह स्थिर रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। थॉम्पसन रेट्रैक्टर एक ऐसा आधुनिक फ्रेम है जो सीधे ऑपरेशन टेबल पर फिट हो जाता है। यह अंगों को बिना किसी नुकसान के घंटों तक थामे रखता है, जिससे सर्जनों के दोनों हाथ पूरी तरह स्वतंत्र होकर बारीकी से काम कर पाते हैं। इसे मेडिकल भाषा में सर्जन का तीसरा हाथ भी कहा जाता है। इस उपकरण के स्थापित होने से बच्चों में किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट जैसे बड़े ऑपरेशन आसान होंगे। हालांकि अभी एम्स में यह सेवाएं शुरू नहीं हुई है। लेकिन इनके शुरू होने पर यह उपकरण इसमें सहायक होगा। पेट के अंदरूनी हिस्सों से ट्यूमर निकालना सुरक्षित होगा। आंतों और अन्य अंगों की जन्मजात विकृतियों को ठीक करने में मदद मिलेगी। 10 से 12 घंटे तक चलने वाली सर्जरी में भी अंगों को स्थिर रखा जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
मरीजों को क्या होगा सीधा फायदा
सर्जरी के दौरान ब्लीडिंग और ऊतकों को चोट लगने का खतरा न्यूनतम होगा। अंगों के साफ दिखने से डॉक्टर अधिक बारीकी से ऑपरेशन कर सकेंगे। कम छेड़छाड़ के कारण बच्चा जल्दी स्वस्थ होगा और अस्पताल से जल्दी छुट्टी मिल सकेगी। एम्स बिलासपुर का प्रयास है कि हिमाचल के मरीजों को दुनिया की बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं यहीं मिलें। इस नए सिस्टम के आने से बच्चों की जटिल सर्जरी की सफलता दर और बढ़ेगी और हम अधिक संवेदनशील केस ले पाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें