-30 वर्ष से ऊपर के 386 लोगों की जांच की, 27 फीसदी व्यक्ति उच्च रक्तचाप से ग्रस्त
- 6.5 फीसदी को मधुमेह होने का पाया गया खतरा, लोगों को किया आहार चयन के प्रति जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर ने गैर-संचारी रोगों की जांच और विभिन्न स्वास्थ्य मुद्दों पर जानकारी के प्रसार के लिए विभिन्न ग्राम पंचायतों में मोबाइल वैन द्वारा आउटरीच गतिविधियां कीं और भारत सरकार की विकसित भारत संकल्प यात्रा में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए। यह शिविर एम्स के कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. वीएस नेगी के मार्गदर्शन में लगाए गए।
एम्स प्रबंधन का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, गैर-संचारी रोगों को रोकने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल के रूप में एम्स बिलासपुर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत 21 ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया। समुदाय को स्वस्थ जीवन शैली के लिए सशक्त बनाने के लिए इन शिविरों में स्वास्थ्य संवर्धन गतिविधियों को प्रदान करने के साथ प्रचलित गैर-संचारी रोग जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह की जांच पर ध्यान केंद्रित किया गया। बहु-विशिष्ट शिविर में मेडिसिन, आर्थोपेडिक्स, प्रसूति एवं स्त्री रोग, ईएनटी विभाग के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। इन शिविरों का लोगों ने लाभ उठाया। प्रशिक्षित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मधुमेह और उच्च रक्तचाप से जुड़े शुरुआती लक्षणों और जोखिम कारकों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की। कुल 386 लोगों की जांच की गई, जिनकी आयु 30 वर्ष या उससे अधिक थी। जांच करने पर, लगभग एक-चौथाई यानी 27 फीसदी व्यक्ति उच्च रक्तचाप से ग्रस्त पाए गए। इसके अलावा 6.5 फीसदी को मधुमेह होने का खतरा पाया गया। जो व्यक्ति नियमित रूप से अपनी दवाएं नहीं ले रहे थे,उन्हें इसके लिए परामर्श दिया गया।
स्क्रीनिंग प्रक्रिया में न केवल ऐसे व्यक्तियों की पहचान करने में मदद मिली, जिन्हें गैर-संचारी रोग होने का खतरा है, बल्कि उन लोगों को एम्स बिलासपुर में रेफरल सहित शीघ्र इलाज का भी प्रबंध किया गया, उन्हें अधिक विशिष्ट देखभाल की आवश्यकता थी। जांच के अलावा, स्वास्थ्य शिविरों में व्यापक स्वास्थ्य प्रचार गतिविधियां भी शामिल रही। इस दौरान विशेषज्ञों ने जीवनशैली संशोधन, आहार चयन, शारीरिक गतिविधि पर भी लोगों को जागरूक किया। एम्स प्रबंधन ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से स्वास्थ्य शिविरों में एम्स बिलासपुर की भागीदारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण प्रदान किया।