योग और संतुलित आहार से होगा बीमारियों का जड़ से इलाज
रिसर्च साइंटिस्ट की भर्ती के लिए 14 मई को परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर अब किशोरियों में बढ़ती पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम जैसी गंभीर समस्या के समाधान के लिए एक विशेष वैज्ञानिक शोध करने जा रहा है। आईसीएमआर के सहयोग से होने वाले इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य दवाओं के बजाय योग और जीवनशैली में बदलाव के जरिए किशोरियों को स्वस्थ बनाना है।
इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को गति देने के लिए एम्स प्रशासन ने रिसर्च साइंटिस्ट की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी लिखित परीक्षा और इंटरव्यू आगामी 14 मई को होंगे। प्रोजेक्ट का लक्ष्य किशोरियों को भविष्य में होने वाले बांझपन, मोटापे और मधुमेह के खतरे से बचाना, संतुलित पोषण और योग के जरिए हार्मोनल असंतुलन को प्राकृतिक तरीके से ठीक करना है। वैज्ञानिक विश्लेषण यह है कि शोध के जरिए एक ऐसा लाइफस्टाइल मॉडल तैयार होगा जो भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों के लिए मील का पत्थर बनेगा। एम्स का यह शोध होलिस्टिक लाइफस्टाइल इंटरवेंशन विषय पर आधारित है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लड़कियों को शुरुआती स्तर पर ही बिना भारी-भरकम दवाओं के ठीक करने का वैज्ञानिक तरीका विकसित किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे हिमाचल की किशोरियों के स्वास्थ्य सुधार में क्रांतिकारी साबित हो सकता है। इसी को लेकर एम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लिखित परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को 14 मई सुबह 8:15 बजे अकादमिक ब्लॉक में रिपोर्ट करना होगा। परीक्षा में रिसर्च मेथडोलॉजी और योग-न्यूट्रिशन से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। दोपहर 2 बजे परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच और इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। चयनित वैज्ञानिक को 56 हजार रुपये मासिक मानदेय और एचआरए मिलेगा।