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हिमाचल: एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में हिमाचली रंग, कुर्ता-पायजामा और सदरी में डिग्री लेंगे डॉक्टर

Sun, 04 Oct 2026 01:15 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।

सार

एम्स बिलासपुर में 6 अक्तूबर को होने वाले पहले दीक्षांत समारोह में हिमाचली संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। समारोह में प्रशिक्षु डॉक्टर कुर्ता-पायजामा, सदरी और हिमाचली टोपी पहनकर डिग्री ग्रहण करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। कुल 92 डॉक्टरों के अलावा नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के प्रशिक्षु भी दीक्षित होंगे।
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एम्स बिलासपुर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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एम्स बिलासपुर के लिए 6 अक्तूबर का दिन बेहद खास होने जा रहा है। संस्थान में पहली बार आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में चिकित्सा शिक्षा पूरी करने वाले प्रशिक्षु डॉक्टर पारंपरिक हिमाचली पहनावे में नजर आएंगे। समारोह के लिए कुर्ता-पायजामा, सदरी और हिमाचली टोपी को पहनावे के तौर पर प्राथमिकता दी गई है। इससे एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ हिमाचल की स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
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92 डॉक्टरों को मिलेंगी डिग्रियां
एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 182 प्रशिक्षु शामिल होंगे। इनमें 92 डॉक्टर हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों इन प्रशिक्षुओं को डिग्रियां प्रदान किए जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इनमें 2020 बैच के 43 एमबीबीएस प्रशिक्षु और 2023 बैच के 14 एमडी-एमएस चिकित्सक शामिल हैं। इसके अलावा 2022 बैच के 26 नर्सिंग प्रशिक्षु और नौ पैरामेडिकल प्रशिक्षु भी दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगे।

हिमाचली टोपी में दिखेंगे डॉक्टर
पहले दीक्षांत समारोह को यादगार बनाने के लिए प्रशिक्षुओं के पहनावे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डॉक्टर सामान्य औपचारिक पोशाक के बजाय कुर्ता-पायजामा और सदरी में नजर आएंगे। इसके साथ सिर पर हिमाचली टोपी पहनने की तैयारी है। इस पारंपरिक पहनावे से समारोह में हिमाचल की पहाड़ी संस्कृति की खास झलक देखने को मिलेगी। एम्स बिलासपुर में शिक्षा और प्रशिक्षण पूरा करने वाले डॉक्टर जब डिग्री लेकर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे, तो उनके लिए यह अवसर संस्थान के साथ एक महत्वपूर्ण स्मृति भी बनेगा।

एम्स बिलासपुर की शैक्षणिक यात्रा का अहम पड़ाव
यह समारोह एम्स बिलासपुर की शैक्षणिक यात्रा में भी महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। संस्थान में चिकित्सा और स्वास्थ्य शिक्षा की शुरुआत के बाद पहली बार यहां से प्रशिक्षु औपचारिक रूप से दीक्षित होकर अपने पेशेवर सफर के अगले चरण में प्रवेश करेंगे। एम्स प्रशासन के लिए भी यह पहला दीक्षांत समारोह होने के कारण खास महत्व रखता है। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए समारोह स्थल, अतिथियों, प्रशिक्षुओं और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
 
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पहली कली और पहले फल जैसा अवसर
एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. दलजीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने अपने संदेश में इस अवसर को संस्थान के लिए विशेष बताया है। उन्होंने इसकी तुलना किसी फूल की पहली कली खिलने और फलदार पेड़ पर पहला फल लगने की खुशी से की है। उन्होंने कहा कि संस्थान में शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ये डॉक्टर अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में जहां संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धि सामने आएगी, वहीं हिमाचली परिधान समारोह को स्थानीय रंग भी देगा। डॉक्टरों का कुर्ता-पायजामा, सदरी और हिमाचली टोपी में डिग्री ग्रहण करना इस समारोह की खास तस्वीर बनने जा रहा है।
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