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शाहतलाई में लावारिस पशुओं के आतंक से किसान खेती छोड़ने को मजबूर

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आवारा पशुओं के आंतक से तबाह फसल - फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। शाहतलाई के पिछड़ा क्षेत्र कोटधार की पंचायत भडोली कला में बढ़ रहे लावारिस पशुओं के कारण किसानों की परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से गोशाला बनाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं अब किसानों ने खेती छोड़ने का मन मना लिया है।
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किसानों का कहना है कि मक्की की बिजाई के समय अच्छी नमी होने के कारण फसल अच्छी होने की उम्मीद थी लेकिन लावारिस पशुओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उनका कहना है कि लावारिस पशुओं ने उनकी फसलों को इस कद्र बर्बाद कर दिया है कि उन्हें अब पशुओं के चारे की समस्या भी सताने लगी है।
भड़ोली कला पंचायत के उपप्रधान ओंकार मन्हास, प्रताप सिंह, सुनील कुमार, करतार सिंह, अनिल कुमार, बलदेव, नंद लाल, जगदेव ढटवालिया, सुरम सिंह, महेंद्र सिंह सहित कई किसानों का कहना है जब पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कलोल के दौरे पर आए थे तो क्षेत्र के किसानों ने उन्हें अपनी समस्या से अवगत करवाया था। उन्होंने तत्काल इस पंचायत में गोशाला बनाने का आश्वासन दिया था।
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उसके पश्चात क्षेत्र के किसानों ने सात बीघा जमीन भी गोशाला के लिए दान दी। वहीं पांच बीघा सरकारी जमीन भी उपलब्ध करवाई। इसके पश्चात कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने बताया कि विधायक जीत राम कटवाल को भी इस समस्या से अवगत करवाया गया है लेकिन आश्वासनों के शिवा कुछ नहीं मिला।
किसानों का कहना है कि सरकारें आए दिन यह कहती नहीं थकती कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुणा हो जाएगी, मगर किसानों का कहना है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुणा तो दूर बल्कि 2022 तक किसान खेती से कोसों दूर होंगे। इन लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल से आग्रह किया है कि इन लावारिस पशुओं से निजात दिलाई जाए अन्यथा जब मुख्यमंत्री इस क्षेत्र में आएंगे तो उनका घेराव किया जाएगा।
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