झंडूता(बिलासपुर)। झंडूता क्षेत्र के कई किसानों ने लावारिस पशुओं और जंगली जानवरों के आतंक से खेतीबाड़ी करना छोड़ दिया है। किसानों का कहना है कि खेती करने के लिए दिन-रात मेहनत करनी पड़ती है। वहीं फसल तैयार होने पर उसे बेसहारा पशु व जंगली जानवर बर्बाद कर देते हैं। जिससे किसानों को उस फसल का कोई लाभ प्राप्त नहीं हो पाता है। वहीं क्षेत्र में कई परिवार तो आर्थिक तंगी से गुजरने को मजबूर हो गए हैं।
झंडूता क्षेत्र के अनंदघाट, बलघाड़, सेर बरोहा, भड़ोलीकलां, समोह, सुन्हानी बरठीं, गेहड़वी, मलारी, घडीर, बल्हसीना, डाहाड, नखलेहडा, कलोल सहित अन्य कई जगहों पर बेसहारा पशु और जंगली जानवर किसानों की फसलों को तबाह कर रहे हैं। महंगाई के दौर में जहां किसान ट्रैक्टर की मदद से खेतों में फसल की बिजाई करते हैं। वही बेसहारा पशु और जंगली जानवर फसल को बर्बाद कर देते हैं। जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। इसी डर से क्षेत्र के अधिकतर किसानों ने खेती ही छोड़ दी है। हालांकि कई क्षेत्रों के कई किसान खेतीबाड़ी पर ही निर्भर थे। हालांकि कुछ जगह किसानों ने फसल की सुरक्षा के लिए कांटेदार तार लगाई हुई है लेकिन पशुओं के झुंड उसे भी उखाड़ रहे हैं। क्षेत्र के किसान सदा राम, कृष्ण सिंह, निक्कू राम, श्याम सिंह परमार, महेंद्र सिंह, ज्ञान सिंह, जय सिंह, बुद्धि सिंह, भूरि सिंह ठाकुर, रत्न सिंह, प्रकाश चंद, कुलदीप सिंह, बलबीर सिंह, सुख देव, शंकर सिंह, लेख राम, रमेश कुमार, प्यार सिंह, श्रवण सिंह, नीतीश कुमार, पवन कुमार, करतार सिंह, मनोहर लाल सहित अन्य किसानों ने सरकार से बेसहारा पशुओं और जंगली जानवरों से निजात दिलाने की मांग की है।