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दो माह से बारिश न होने से गेहूं की खेती पर मंडराए खतरे के बादल

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घुमारवीं (बिलासपुर)। बारिश नहीं होने से गेहूं की बिजाई लटक गई है। दो माह से बारिश नहीं होने से किसानों के खेत सूखे पड़े हैं। इससे किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही हैं। जिले में रबी फसल की पैदावार लगभग 27,000 हेक्टेयर भूमि पर होती है। अधिकतर किसान बारिश पर ही निर्भर हैं। जिले में सिर्फ 18 प्रतिशत क्षेत्र में ही सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। सिंचाई स्कीमें भी अपने निम्न स्तर पर हैं। इनका किसानों को लाभ न के बराबर मिल रहा है।
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जिले में पिछले दो माह से बारिश नहीं होने से गेहूं की खेती पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। गेहूं की बिजाई में देरी होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सूखे की स्थिति पैदा हो गई है। उपमंडल घुमारवीं, भराड़ी, बरठीं, शाहतलाई, झंडूता, कंदरौर, चांदपुर व अन्य क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि बारिश न होने से जमीन सूखी पड़ गई है। इसमें खेती करना मुश्किल हो गया है। अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में रबी की फसल की बीजाई में और देरी हो सकती है। इससे पैदावार प्रभावित होगी। किसानों बलबीर चंदेल, मनीष ठाकुर, प्यारे लाल, रत्न लाल, कमल सिंह और दीपक कुमार का कहना है कि पहले ही कोरोना की मार पड़ रही है और अब मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। कहा कि सरकार कृषि को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन जिले में केवल 18 फीसदी भूमि ही ऐसी है जिसमें सिंचाई होती है। अन्य कृषि योग्य भूमि बारिश पर निर्भर है।
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किसान बारिश का करें इंतजार : डॉ. कुलदीप पटियाल
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलदीप पटियाल ने कहा कि बिलासपुर जिले में पिछले दो माह से बारिश नहीं हुई है। इसके चलते अभी तक फसल की बिजाई नहीं हुई है। जिले में रबी की फसल की पैदावार लगभग 27,000 हेक्टेयर भूमि पर होती है। 18 प्रतिशत क्षेत्र में ही सिंचाई की सुविधा है। उन्होंने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि बारिश का इंतजार करें, उसके बाद ही बिजाई शुरू करें।
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