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Bilaspur News: 15 माह से वेतन न मिलने पर कर्मियों ने ठप की पेयजल स्कीम

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नयनादेवी में परिवार संग किया धरना-प्रदर्शन, ठेकेदार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
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जल्द वेतन जारी न होने पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की दी चेतावनी

संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी की पेयजल स्कीम एक बार फिर ठप हो गई है। इस बार न तो पाइप लाइन में लीकेज है, न बिजली बाधित हुई है और न ही ट्रांसफार्मर में कोई खराबी आई है। बावजूद इसके लोगों को एक बार फिर पानी संकट का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि स्कीम में कार्यरत कर्मचारियों ने पिछले 15 माह से वेतन न मिलने पर हड़ताल शुरू कर दी है।
कर्मचारियों का कहना है कि विभाग और ठेकेदार दोनों की उदासीनता के चलते उन्हें मजबूर होकर स्कीम बंद करनी पड़ी। उनका कहना है कि नवरात्र और दशहरा तक तो किसी तरह गुजारा किया, लेकिन अब दिवाली भी तनख्वाह के अभाव में बेरंग गुजर गई। धरने में कर्मचारियों के साथ उनके परिवार की महिलाएं भी शामिल हुईं और स्कीम स्थल पर आकर ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की।
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कर्मचारियों अजय कुमार, विजय कुमार, देवेंद्र, कुलवंत, शशिपाल, गुरुदेव, बलबीर, राकेश और अन्यों ने बताया कि वे लगातार ठेकेदार से वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने इस संबंध में कई बार कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता उपमंडल बस्सी को भी सूचित किया, लेकिन विभाग ने कोई रुचि नहीं दिखाई। अब मजबूर होकर 20 अक्तूबर से काम बंद कर दिया है। कहा कि ठेकेदार ने पहले आश्वासन दिया था कि दिवाली के अवसर पर वेतन जारी कर दिया जाएगा, लेकिन त्योहार निकलने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो वे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार और विभाग की होगी।
उधर, स्थानीय लोगों ने भी विभाग के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों ने कहा कि हर चौथे दिन इस स्कीम में कोई न कोई व्यवधान आ जाता है, लेकिन विभाग भारी-भरकम बिलों में कोई कटौती नहीं करता। उनका कहना है कि पूरे दिन में सिर्फ एक घंटा पानी की सप्लाई दी जाती है, जबकि मंदिर क्षेत्र के पास के लोगों को 24 घंटे में मुश्किल से आधा घंटा पानी मिल पाता है।
लोगों ने कहा कि इस विषय में पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। हड़ताल के संबंध में जब ठेकेदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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अधिशासी अभियंता श्याम सिंह पुंडीर ने बताया कि कर्मचारियों से बात की गई है। वीरवार को ठेकेदार और उन्हें बुलाया गया है। पेयजल योजना को बहाल कर दिया गया है। वहीं कर्मचारियों ने कहा कि विभाग के अधिकारियों से बात हुई है। उन्होंने वीरवार को मिलने के लिए बुलाया है। उन्होंने बताया कि योजना में 13 मोटरें स्थापित हैं, जिसमें से छह से सात लगातार चलती हैं, जिससे पूरे क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति की जाती है। विभाग के कहने पर मंदिर क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति के लिए एक मोटर चलाई गई है। बाकी पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है।
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