फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर गरजे पेंशनर

विज्ञापन
विज्ञापन
बोले-मंत्री, विधायकों के बढ़ रहे वेतन, पेंशनरों को किया जा रहा नजरअंदाज
विज्ञापन

बिलासपुर बस अड्डा से उपायुक्त कार्यालय तक निकाली रोष रैली
-उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पेंशनर की संयुक्त संघर्ष समिति ने मांगों को लेकर 20 विभागों के पेंशनरों ने जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। पेंशनरों ने बस अड्डा से उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाली और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं उपायुक्त के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा।
पेंशनरों ने कहा कि सरकार उनको अनदेखा कर रही है। पेंशनर अपने हक की खातिर बार-बार सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। प्रदर्शन में 20 संगठनों के पेंशनरों ने भाग लिया। पेंशनर बस अड्डे के पास लक्ष्मी नारायण मंदिर में इकट्ठा हुए और वहां से रोष रैली शुरू की। रैली में सरकार से मांगों को पूरा करने के लिए नारेबाजी की गई। मेन मार्केट से होते हुए रैली शहीद स्मारक पहुंची, जहां विभिन्न वक्ताओं ने पेंशनरों को संबोधित किया। मंच संचालन करते हुए सुशील पुंडीर ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों के वेतन में एकदम से वृद्धि की गई, जबकि उन्हें सरकार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों कि मांगें एक जैसी हैं, इसलिए प्रदेश स्तर पर हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति का गठन करना पड़ा हैं ताकि अपने हकों को लड़ाई के लिए सरकार के ऊपर दबाव बनाया जा सके। पेंशनरों की मुख्य मांगों में जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अब तक वित्तीय लाभ नहीं देने, ग्रेचूयटी, लीव एनकैशमेंट, कम्युटेशन जो हर पेंशनर का पांच लाख से 50 लाख तक सरकार दबा कर बैठी है। पेंशनर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और चिकित्सा बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। 16 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्तों की अदायगी नहीं हो पाई है। कहा कि पेंशनर भूलने वाले नहीं हैं और आने वाले दिनों में पाई-पाई का हिसाब लेंगे। सरकार को चाहिए था कि तीन प्रतिशत के बजाय चार प्रतिशत के हिसाब से जुलाई 2023 की किस्त की घोषणा करनी चाहिए थी। लेकिन सरकार पेंशनरों के साथ दूसरे दर्जे का नागरिक की तरह व्यवहार कर रही हैं जो ठीक नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिजली बोर्ड और पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं दी जा रही हैं और इन्हें अभी तक छठे वेतन आयोग का भुगतान भी नहीं किया गया हैं। पेंशनरों ने कहा कि मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा है। यदि सरकार पेंशनरों की मांगों पर विचार करने के लिए प्रदेश के संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाती हैं तो संघर्ष को तेज किया जाएगा, जिसके लिए सरकार स्वयं जिम्मेवार होंगी। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस मौके पर संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक चेतराम वर्मा, प्रभारी देवराज शर्मा, जय कृष्ण शर्मा, कर्म सिंह चंदेल, कुबेर सिंह ठाकुर, ओम प्रकाश गर्ग, जेके नड्डा, रुमा चंदेल, संदेश शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा अमरनाथ धीमान सहित अन्य पेंशनर मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें