घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल किसान एवं जन कल्याण सभा ने किसानों के समर्थन में एक दिन का अनशन किया। घुमारवीं के स्वतंत्रता सेनानी स्मारक में प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल शर्मा की अध्यक्षता में अनशन किया गया। इसके बाद एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया।
सभा के प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल शर्मा ने कहा कि किसान विरोधी कानूनों को लेकर किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हैं। केंद्र सरकार किसानों को कुचलने का प्रयास कर रही है, जोकि बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन कानूनों को लेकर अड़ियल रवैया अपना रही है और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की सोच रही है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को हर फसल और सब्जियों पर लागू करना होगा। आवश्यक वस्तु अधिनियम के कानून को खत्म करने से जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। इससे बाजार में खाद्य पदार्थों की बनावटी कमी पैदा होगी और खाद्य पदार्थ महंगे हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के बदलाव से बड़े पूंजीपतियों और कंपनियों का प्रभाव बढ़ जाएगा और किसानों की हालत दयनीय हो जाएगी। कहा कि जब तक किसानों की मांगों को नहीं माना जाता है, तब तक किसान संघर्षरत रहेंगे। सरकार को अन्नदाता का अपमान नहीं करना चाहिए और तुरंत प्रभाव से इन कानूनों को निरस्त कर देना चाहिए। अगर किसान फसल बीजना बंद कर देंगे तो लोग क्या खाएंगे। इस मौके पर राम प्रकाश वशिष्ठ, सीताराम शर्मा, संतराम, अमीं चंद, बलदेव राज, हेमराज, जगदीश कौशल, प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।