- जमानत के लिए उच्च न्यायालय पहुंचे हिंसा के आरोपी
- संघर्ष समिति ने कहा, आंदोलन को खत्म करने के लिए लोगों को भड़काया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर-सोलन सीमा पर बन रही कीकर-नवगांव पेयजल योजना के विरोध में आंदोलन 22वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर ग्रामीणों ने क्रमिक अनशन किया। वहीं, मंगलवार को हुई हिंसा में बनाए गए 24 आरोपियों में से 12 ने जमानत के लिए प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
वीरवार को आंदोलन स्थल पर मीनाक्षी देवी, कांता शर्मा, सुरेंद्र ठाकुर, हंसराज शर्मा, मस्तराम ठाकुर ने क्रमिक अनशन किया। अली खड्ड बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रजनीश शर्मा ने कहा कि शांतिप्रिय आंदोलन को खत्म करने के लिए निजी कंपनी के लोग कई दिनों से लगे थे। हिंसा के दो दिन पहले ही लोगों को सुनियोजित ढंग से भड़काने का काम शुरू हो गया था। मंगलवार को किसान पंचायत के दौरान लोगों को फिर से भड़काया गया। निर्माण स्थल की ओर से पहले पत्थर बाजी की गई। इससे लोग आक्रोशित हो गए। इसके परिणामस्वरूप हिंसक झड़प हुई। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी लोगों को भड़काने वालों की पहचाने में लगे हैं। उन लोगों के खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने विधानसभा में अली खड्ड आंदोलन को उठाने के लिए विधायक रणधीर शर्मा का धन्यवाद किया। कहा कि सरकार को जनहित में इस योजना को रद्द करना चाहिए और अर्की के लोगों को कोलडैम से पानी देना चाहिए। ताकि दोनों जिलों के लोगों को भरपूर पानी मिल सके। इस मौके पर मनोज ठाकुर, गीता राम नड्डा, मुकेश ठाकुर, रामपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।