एनटीपीसी कंपनी के विस्थापित और प्रभावित कर्मचारियों ने रविवार को कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सैकड़ों मजदूरों ने कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एनटीपीसी विस्थापितों और प्रभावित कर्मचारियों को परेशान करने के लिए षड्यंत्र रच रही है। एनटीपीसी प्रबंधन अपने तानाशाही रवैये से विस्थापित और प्रभावित कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है।
कोलडैम वर्कर यूनियन के प्रधान अनूप कुमार ने बताया कि एनटीपीसी प्रबंधन ने कोलबांध परियोजना में एनटीपीसी यूपीएल सब ठेकेदार सियाराम के पास काम करने वाले कर्मचारी संदीप कुमार से मारपीट की है। साथ ही संदीप कुमार को धक्का-मुक्की और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कंपनी से बाहर निकाल दिया है।
उन्होंने बताया कि यूनियन ने थाना बरमाणा में यह शिकायत दर्ज करवाई है कि संदीप जब परियोजना में ड्यूटी कर रहा था, तभी बिना कोई नोटिस जारी किए एनटीपीसी एचआर नरेश कुमार, करनैल सिंह और सुरक्षा गार्ड सुपरवाइजर कमल ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कंपनी से बाहर निकाल दिया।
यूनियन ने आरोप लगाया है कि एनटीपीसी कंपनी ने वर्करों को धमकी दी है कि यदि कोई विस्थापित और प्रभावित कर्मचारी कंपनी के मुताबिक कार्य नहीं करेगा, तो उसका यही हाल होगा। कर्मचारियों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि विस्थापितों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाए।
यूनियन का कहना है कि न्याय न मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी और अब एनटीपीसी के साथ करो या मरो की लड़ाई होगी। कंपनी को विस्थापित एवं प्रभावित मजदूरों को एनटीपीसी में स्थायी वर्करों की तरह ही सम्मान देना होगा।
उधर, एनटीपीसी यूपीएल के ठेकेदार सियाराम का कहना है कि कर्मचारी को निकालने के लिए दिल्ली नोटिस भेज दिया है। यह कार्रवाई एनटीपीसी के कहने पर ही हो रही है।