स्वारघाट (बिलासपुर)। आंगनबाड़ी संघ स्वारघाट की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर पांच सूत्रीय मांगपत्र को लेकर नारेबाजी की। भामसं खंड स्वारघाट के प्रधान रूप लाल ठाकुर और आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ स्वारघाट की प्रधान मीरा ठाकुर की अगुवाई में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को अपना पांच सूत्रीय ज्ञापन भेजा।
विश्रामगृह से रैली निकाली जो स्वारघाट बस अड्डे से होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का कहना है कि टीकाकरण, प्लस पोलियो, वोटर लिस्ट का सर्वे सहित अनेक काम करती हैं। लेकिन उन्हें किसी तरह की सुविधा नहीं मिलती। न ही काम के हिसाब से वेतन मिलता है। संघ ने मांग की कि कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को को 18 हजार रुपये और सहायिका को 9 हजार रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत देश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को भी प्राथमिक पाठशाला की मान्यता देते हुए इनमें कार्यरत मिनी कार्यकर्ता को पूर्व प्राथमिक शिक्षिका और सहायिका को पूर्व प्राथमिक सहायिका शिक्षिका का पदनाम देने की नीति बनाई जाए। आंगनबाड़ी में कार्यरत सभी कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, चिकित्सा सुविधा दी जाए। सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर आंगनबाड़ी कर्मचारियों को भी अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश और विभिन्न त्योहारों पर अवकाश दिया जाए। इन सभी मांगों को लेकर सोमवार को धरना-प्रदर्शन किया गया और सरकार को मांगपत्र भेजा।