चिकनी खड्ड में पानी आने से अब धान की कर पाएंगे रोपाई व सिंचाई
नालागढ़ क्षेत्र में होती है करीब 10 हजार हेक्टेयर में धान व मक्की की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। बीबीएन क्षेत्र में बुधवार को हुई बारिश के बाद किसानों ने मक्की और धान की रोपाई की तैयारी शुरू कर दी है। बारिश से खेतों में नमी आई है, जिससे किसानों को खरीफ की फसल लगाने की उम्मीद जगी है। इस साल बारिश की कमी के कारण बुआई में देरी हुई थी। नालागढ़ में कुल 10 हजार हेक्टेयर में दोनों फसलें होती हैं, जिसमें छह हजार हेक्टेयर जमीन पर धान और चार हजार हेक्टेयर जमीन पर मक्की की बुआई की जाती है। आमतौर पर किसान 15 जून से बुआई शुरू कर देते हैं। इस साल बारिश न होने से किसान अब तक बुआई नहीं कर पाए थे। बुधवार की बारिश के बाद किसानों ने अपने खेत तैयार करने शुरू कर दिए हैं।
ढांग उपरली के किसान सर्वजीत और गुरप्रीत ने बताया कि बारिश उतनी ज्यादा नहीं हुई है, लेकिन जमीन में नमी आने के बाद मक्की की बुआई अब शुरू हो जाएगी। धान के लिए भी किसान खेत तैयार कर रहे हैं। दभोटा क्षेत्र में चिकनी खड्ड का जल स्तर काफी नीचे चला गया था, जिससे खेतों तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो गया था। खड्ड सूखने से खेतों में घास उगने लगी थी, जिसमें अब बारिश के बाद कमी आएगी। बरूणा के चंगर क्षेत्र में भी बारिश हुई है, जिससे वहां भी खरीफ की फसल लगाने का काम शुरू होगा।
उधर, कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ संदीप गौतम ने बताया कि बारिश के बाद खेतों में नमी आई है। किसान अब खरीफ की फसलों की बुआई का कार्य शुरू कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को देर से पकने वाली किस्म लगाकर अपनी फसल उगाने की सलाह दी। इससे वे बुआई में हुई देरी की भरपाई कर पाएंगे।