-जनता ने की इसको रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू और गुटका के अवैध व्यापार पर प्रशासन की नाकामी चिंता का विषय बनी हुई है। इसके बावजूद कि प्रदेश सरकार ने तंबाकू और गुटका उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया है, यहां के कई दुकानों और थोक व्यापारियों द्वारा इन उत्पादों की खुलेआम बिक्री की जा रही है।
घुमारवीं शहर में कई दुकानदार खुलेआम तंबाकू, गुटका और पान मसाला बेच रहे हैं, जबकि प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। पुलिस केवल सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के चालान करती है, लेकिन दुकानों पर इन प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाती। प्रदेश सरकार ने युवाओं को तंबाकू के नशे से बचाने के लिए तंबाकू और गुटका पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन इसका असर धरातल पर नजर नहीं आ रहा। बाजारों में इन उत्पादों की बिक्री पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है और यह दोगुने दामों पर बिक रहे हैं। यहां तक कि स्कूलों के पास भी इन पदार्थों की बिक्री जारी है, जिससे बच्चों और युवाओं पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। इसके बावजूद शहर के कामकाजी वर्ग, खासकर प्रवासी मजदूरों द्वारा तंबाकू का सेवन करने की कोई ठोस रोक नहीं लग पाई है।
इस मामले पर एसडीएम घुमारवीं, गौरव चौधरी ने कहा कि स्कूलों के पास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए स्कूल प्रशासन को रूटीन चेकिंग का अधिकार है और अगर कहीं भी गुटका तंबाकू बेचा जा रहा है, तो प्रशासन शीघ्र कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो प्रतिबंधित सामग्री बेचने में संलिप्त हैं।
घुमारवीं में लोग प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि तंबाकू और गुटका पर लगाए गए प्रतिबंध को सही तरीके से लागू किया जाए, ताकि यह नशा युवा पीढ़ी तक न पहुंच सके और इसके दुष्प्रभावों से बचा जा सके।