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Bilaspur News: चिट्टा बरामदगी मामले में आरोपी को मिली जमानत

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विशेष न्यायाधीश-द्वितीय बिलासपुर की अदालत ने दी राहत
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भगेड़ के पास नाके के दौरान वाहन से बरामद हुआ था 101 ग्राम चिट्टा

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश-द्वितीय बिलासपुर की अदालत ने चिट्टा बरामदगी मामले में आरोपी को नियमित जमानत प्रदान कर दी है। अदालत ने माना कि मामले में बरामद नशीला पदार्थ व्यावसायिक मात्रा से कम है और इसे इंटरमीडिएट क्वांटिटी की श्रेणी में रखा गया है। आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती के आधार पर राहत दी गई है।
थाना झंडूता में 25 जून 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार 24-25 जून की रात स्पेशल टास्क फोर्स की टीम भगेड़ के पास नाकाबंदी कर रही थी। इस दौरान एक वाहन को जांच के लिए रोका गया, जिसमें तीन लोग सवार थे। तलाशी के दौरान वाहन से एक कपड़े का बैग बरामद हुआ। इसमें पारदर्शी पॉलीथिन में भूरा पदार्थ मिला, जिसका वजन 101 ग्राम पाया गया। पुलिस ने इसे हेरोइन/चिट्टा बताते हुए कब्जे में लिया था। अदालत में बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी से व्यक्तिगत तलाशी के दौरान कोई बरामदगी नहीं हुई है। नशीला पदार्थ वाहन से मिला है, जिसमें तीन लोग मौजूद थे। ऐसे में आरोपी का सचेत कब्जा और साजिश साबित होना ट्रायल का विषय है। साथ ही जांच पूरी होने के बाद अब हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपी के खिलाफ लंबित मामलों और दोबारा अपराध में शामिल होने की आशंका का हवाला दिया। अदालत ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कड़ी शर्तें मुख्य रूप से व्यावसायिक मात्रा से जुड़े मामलों में लागू होती हैं। वर्तमान मामले में बरामदगी 250 ग्राम की व्यावसायिक मात्रा से कम है, इसलिए जमानत पर सामान्य सिद्धांतों के आधार पर विचार किया गया।
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अदालत ने कहा कि वाहन में तीन लोग सवार थे और बरामदगी किसी व्यक्ति की निजी तलाशी से नहीं हुई। सचेत कब्जे और कथित साजिश का निर्धारण साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल के दौरान किया जाएगा। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और एक जमानती के आधार पर रिहा करने के आदेश दिए। साथ ही आरोपी को देश छोड़ने से पहले अदालत की अनुमति लेने, दोबारा अपराध में शामिल न होने और गवाहों को प्रभावित नहीं करने की शर्त लगाई गई है।
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