18.52 ग्राम हेरोइन के साथ हुआ था गिरफ्तार
विशेष अदालत बिलासपुर ने सुनाया फैसला, देश छोड़ जाने पर रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश बिलासपुर की अदालत ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में आरोपी को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने बचाव पक्ष की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे सशर्त रिहा करने के आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, मामला 19 दिसंबर 2025 का है। सदर पुलिस थाना बिलासपुर की टीम मंडी-भराड़ी ब्रिज के पास नाकेबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। शाम करीब 5:45 बजे कीरतपुर की तरफ से एक मोटरसाइकिल आई, जिस पर आगे की नंबर प्लेट नहीं थी। पीछे की प्लेट पर नंबर लिखा था। पुलिस ने जब बाइक रोककर चालक से दस्तावेज मांगे, तो बाइक सवार दोनों युवक घबरा गए और जल्दबाजी में जाने की बात करने लगे। शक होने पर पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में तलाशी ली, तो बाइक की सीट के नीचे छिपे एक नीले कैरी बैग से 18.52 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि बरामद की गई मात्रा व्यावसायिक श्रेणी में नहीं आती, इसलिए कानून की धारा 37 के कड़े प्रावधान इस पर लागू नहीं होते। उन्होंने कहा कि आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। वहीं, लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध किया।
विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी पहली बार अपराध में संलिप्त पाया गया है, इसलिए उसे और अधिक समय तक सलाखों के पीछे रखने का कोई ठोस आधार नहीं है। आरोपी को एक लाख रुपये का निजी बांड और उतनी ही राशि की दो जमानतें पेश करनी होंगी। चालान पेश होने तक आरोपी को हर महीने की 10 तारीख को संबंधित थाने में रिपोर्ट करनी होगी। आरोपी बिना अदालत की इजाजत के देश छोड़कर नहीं जा सकेगा। यदि आरोपी दोबारा किसी नशे के मामले में संलिप्त पाया गया, तो उसकी जमानत तत्काल रद्द कर दी जाएगी और पुलिस उसे दोबारा गिरफ्तार करने के लिए स्वतंत्र होगी।