-विशेष न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने सुनाया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। चरस बरामदगी के एक मामले में विशेष न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने पाया कि बरामद मादक पदार्थ की मात्रा मध्य श्रेणी में आती है, ऐसे में एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कठोर शर्तें इस मामले में लागू नहीं होतीं।
जानकारी के अनुसार, पुलिस थाना घुमारवीं में 25 मार्च 2026 को दर्ज एफआईआर में आरोपी के कब्जे से 605 ग्राम चरस बरामद होने का मामला है। पुलिस टीम ने मल्यावर लिंक फोरलेन के पास चेकिंग के दौरान मनाली से अंबाला जा रही बस में तलाशी ली थी। इस दौरान सीट नंबर 36 पर बैठे युवक के बैग से चरस बरामद की गई थी। जमानत याचिका में आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे झूठा फंसाया गया है और वह जांच में सहयोग करेगा। वहीं, सरकारी पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए आशंका जताई कि आरोपी फरार हो सकता है या गवाहों को प्रभावित कर सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि 605 ग्राम चरस न तो छोटी मात्रा है और न ही वाणिज्यिक श्रेणी में आती है। ऐसे में धारा 37 की बाध्यता लागू नहीं होती। साथ ही, आरोपी से अब कोई बरामदगी शेष नहीं है, इसलिए उसे लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं है। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। शर्तों के अनुसार आरोपी जांच में सहयोग करेगा, गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा, बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेगा और प्रत्येक सुनवाई पर अदालत में उपस्थित रहेगा। इसके अलावा उसे हर महीने की 10 तारीख को थाना घुमारवीं में हाजिरी भी देनी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी शर्त के उल्लंघन पर जमानत रद्द की जा सकती है।