-दी गागल एसीसी फैक्ट्री मजदूर संघ ने की मांग
-बोले, एक साल बीत जाने के बाद भी नहीं हुई वार्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दी गागल एसीसी फैक्ट्री मजदूर संघ की बैठक बरमाणा में यूनियन कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष काला राम कश्यप ने की। बैठक में मजदूरों की मांगों पर चर्चा की गई। संघ ने कंपनी से समझौता वार्ता को शीघ्र कराने की मांग रखी।
बैठक में बताया गया कि समझौता वार्ता 1 सितंबर 2022 से होनी थी, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी यह नहीं हो पाई। इसका मुख्य कारण फैक्ट्री के मालिक का बदलना और दो महीने प्लांट का बंद रहना है। इसके बाद भी लंबा समय बीत जाने के बावजूद कामगारों के प्रति गागल प्रबंधक वर्ग का रवैया सकारात्मक नहीं है। इस कारण कामगारों में रोष व्याप्त है। यह समझौता वार्ता की प्रक्रिया करीब 24 साल से लगातार चली आ रही है। प्रबंधक वर्ग ने आश्वासन दिया था कि वेज बोर्ड कर्मचारियों का वेतन समझौता होने के बाद अन्य कामगारों का वेतन तय कर दिया जाएगा। प्रबंधन ने नियमित कर्मचारियों की पिछले कई दशकों से चली आ रही पुरानी प्रक्रिया को वर्तमान में भी सुचारू रूप से ही लागू रखा है। मजदूर संघ बरमाणा के श्रमिक पिछले 30-35 साल से नियमित रूप से एसीसी गागल प्लांट में विभिन्न विभागों में चार शिफ्टों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन न आज तक इन श्रमिकों को नियमित किया गया न ही इनको आवास सुविधा प्रदान की गई। इनके ऊपर दिन-प्रतिदिन कार्य का बोझ बढ़ता जा रहा है। श्रमिकों ने विपरीत समय में भी उद्योग का साथ दिया है और आगे भी देते रहेगें। प्रबंधन से आग्रह है कि गरीब मजदूरों की जो वेतन समझौता वार्ता रुकी है उसे शीघ्र कराएं। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष नानक चंद ठाकुर, गगनेश कुमार, प्रेमलाल शर्मा, राजेश कुमार, श्याम लाल, दलीप कुमार, संजय कुमार, अनिल कुमार, राम प्रसाद, लेख राज, सोहन लाल, कश्मीर सिंह, जोगिंद्र सिंह, नीलम कुमार महेंद्र कुमार सहित 300 सदस्य मौजूद रहे।