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Bilaspur News: छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं हुए तो प्रदेशभर में आंदोलन करेगी एबीवीपी

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बिलासपुर में जिला संयोजक ने साझा की रूपरेखा,फीस वृद्धि वापस लेने की रखी मांग
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31 जुलाई से 17 अगस्त तक चरणबद्ध तरीके से होगा आंदोलन

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश के कॉलेजों व अन्य शिक्षण संस्थानों में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और फीस वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो पूरे प्रदेश में जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला संयोजक देवार्य टाडू ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में 31 जुलाई को प्रदेश के सभी कॉलेजों से प्राचार्यों के माध्यम से विश्वविद्यालय कुलपति को ज्ञापन भेजे जाएंगे। तीन अगस्त को उपायुक्तों के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। पांच अगस्त को कॉलेज स्तर पर धरना-प्रदर्शन, छह व सात अगस्त को हस्ताक्षर अभियान, 11 अगस्त को रोष रैलियां तथा 12 व 13 अगस्त को सांकेतिक भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। वहीं 14 से 17 अगस्त तक जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।
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एबीवीपी पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का प्रभावी क्रियान्वयन प्रदेश में अब तक नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 774 शिक्षण संस्थान बंद किए गए हैं, जबकि 532 विद्यालयों का अन्य स्कूलों में विलय कर दिया गया है। शिक्षकों के हजारों पद रिक्त हैं और विश्वविद्यालयों में नियमित कुलपतियों की नियुक्तियां भी लंबित हैं। इसके अलावा उत्तर पुस्तिका पुनर्मूल्यांकन शुल्क 300 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये किए जाने का भी परिषद ने विरोध किया। परिषद ने कानून व्यवस्था, नशामुक्ति, रोजगार, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। पदाधिकारियों का कहना था कि प्रदेश में गैंगवार, हत्या और गोलीबारी जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हुई है। इन सभी मुद्दों को लेकर एबीवीपी प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाएगी। इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कुश और इकाई सह सचिव आकांक्षा मौजूद रहे।
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