युवाओं को ड्रोन तकनीक से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक सीखने का मिलेगा मौका
प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट सहायता देने की भी है योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं में करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब युवाओं को यहां प्रशिक्षण शुरू होने का इंतजार है। शहर के वार्ड नंबर आठ टिकरी में न्यायालय परिसर के समीप बन रहे तीन मंजिला भवन में रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू होने से युवाओं को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक कौशल सीखने का अवसर मिलेगा। केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े अल्पावधि पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है। इसके अलावा ड्रोन तकनीक, सौर ऊर्जा, डेयरी फार्मिंग और बागवानी जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवा कम समय में विशेष कौशल हासिल कर रोजगार और स्वरोजगार के लिए अपनी योग्यता बढ़ा सकेंगे। केंद्र में पाठ्यक्रम शुरू होने के बाद प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध करवाने की योजना है। इससे उन्हें निजी कंपनियों और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में रोजगार तलाशने में मदद मिल सकेगी। हालांकि, पाठ्यक्रम शुरू होने की तारीख और प्रशिक्षण की विस्तृत व्यवस्था को लेकर अभी जानकारी सामने नहीं आई है। केंद्र शुरू होने से घुमारवीं और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण की सुविधा मिलने से उन्हें कौशल सीखने के लिए दूरदराज के संस्थानों में जाने की जरूरत कम हो सकती है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। घुमारवीं में स्किल डेवलपमेंट सेंटर इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यहां आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना है, ताकि युवा अपनी योग्यता बढ़ाकर रोजगार प्राप्त कर सकें।
आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण
रोजगार के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र में तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। डिजिटल क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को नई तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रमों का विकल्प मिलेगा। वहीं, ड्रोन तकनीक और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर युवा इनसे जुड़े कामकाज की जानकारी हासिल कर सकेंगे। डेयरी फार्मिंग और बागवानी जैसे पाठ्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। इन क्षेत्रों में कौशल हासिल कर युवा अपना काम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। केंद्र में सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी जोर देने की योजना है, ताकि युवा सीखे गए कौशल का इस्तेमाल वास्तविक कामकाज में कर सकें।