बिलासपुर। जिलाभर के 850 प्राइमरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के 1308 मिड-डे मील वर्कर हड़ताल पर रहे। केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर विरोधी नीतियों के खिलाफ जिला भर में रैलियां निकालीं और मांगों को लेकर एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में मांग उठाई गई है कि आंगनबाड़ी हेल्पर और वर्कर्स को पक्का किया जाए। हरियाणा की तर्ज पर 8500 वेतन प्रदान किया जाए। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू किया जाए। बच्चों को आंगनबाड़ी में ही भोजन दिया जाए और पोषाहार का पैसा बच्चों की मां के खाते में डालने के फैसले को वापस लिया जाए। ग्रेच्युटी पेंशन योजना को लागू किया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर की आयु 65 वर्ष की जाए। सरकारी स्कूलों में नर्सरी स्कूलों में आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा मिड-डे मील और आशा वर्कर्स को पक्का किया जाए व मानदेय बढ़ाया जाए। बिलासपुर शहर में मिड-डे मील वर्कर्स ने लक्ष्मीनारायण मंदिर से एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली। एटक के बैनर तले वर्करों ने रैली निकालकर जोरदार नारेबाजी की। हाथों में बैनर लेकर सरकार से मांग की कि उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाए। घुमारवीं, झंडूता, नयनादेवी में भी रैलियां निकालकर एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
उपमंडल झंडूता के आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर यूनियन और मिड-डे मील व आशा वर्कर्स ने सीटू के बैनर तले विश्रामगृह से बाजार होते हुए एसडीएम कार्यालय तक रैली निकालकर मांगों को लेकर एसडीएम झंडूता नवीन शर्मा के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।