बिलासपुर। विधानसभा चुनाव के लिए वीरवार को जिला में 2,98,822 मतदाता अपने मतों का प्रयोग करेंगे। सुबह आठ बजे से वोटिंग शुरू हो जाएगी। जो शाम पांच बजे तक चलेगी। पांच बजे के बाद लाइनों में खड़े मतदाताओं को ही वोट डालने का अधिकार दिया जाएगा। जिले के 14 प्रत्याशियों का भाग्य भी ईवीएम में कैद हो जाएगा। जिला के 394 पोलिंग बूथों पर लोग वोट डालेंगे। जबकि 140 मतदान केंद्रों को इंटरनेट के माध्यम से सीधे लाइव देखा जा सकेगा।
मतदान को लेकर जिला के 394 बूथों पर चुनाव पार्टियों ने मोर्चा संभाल लिया है। जबकि जिला के आठ मतदान केंद्र पूरी तरह से महिला कर्मचारियों के हवाले रहेंगे। जिला के चुनावों का जिम्मा सात हजार कर्मचारियों के कंधों पर है, जबकि रिजर्व में भी कई कर्मचारियों को रखा गया है। इसके अलावा बुधवार को रिजर्व में रखी ईवीएम मशीनों को भी पोलिंग स्टेशनों की ओर रवाना कर दिया गया है। उपायुक्त बिलासपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ऋग्वेद ठाकुर का कहना है कि चुनावों को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिला जिला में कुल मतदाताओं की संख्या 2,98,822 है जिनमें 1,52,003 पुरुष मतदाता और 1,46,819 महिला मतदाता अपने मतों का प्रयोग करेंगे। झंडूता विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 72,355 हैं, जिनमें से 37,071 पुरुष मतदाता व 35,285 महिला मतदाता हैं। इसी प्रकार घुमारवीं में कुल 81,460 मतदाता हैं, जिसमें से 40,732 पुरुष मतदाता व 40,728 महिला मतदाता हैं। इसी प्रकार सदर बिलासपुर में कुल मतदाताओं की संख्या 77,244 हैं। जिसमें से 39,054 पुरुष मतदाता व 38,190 महिला मतदाता हैं। श्री नयनादेवी जी के कुल मतदाताओं की संख्या 67,763 है। जिसमें से 35,146 पुरुष मतदाता व 23,617 महिला मतदाता शामिल हैं। निर्वाचन प्रक्रिया में 7000 अधिकारी व कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र व पारदर्शी तरीके से करवाने के लिए जिला के चारों विधानसभा क्षेत्रों में सहायक पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं।
झंडूता विधानसभा क्षेत्र में 100 मतदाता केंद्र स्थापित किए गए हैं। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में भी 100 मतदान केंद्र हैं। सदर बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में 99 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र में 95 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। चारों विधानसभा क्षेत्रों में 100-100 अधिकारियों, कर्मचारियों को रिजर्व में रखा गया है ताकि पोलिंग बूथों पर तैनात कर्मचारियों की बीमारी या अन्य कठिनाइयों के दौरान ड्यूटी लगाई जा सके।