-मां के दर्शन के लिए पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली और अन्य प्रदेशों से पहुंचे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी(बिलासपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी में कार्तिक पूर्णिमा पर 8,000 श्रद्धालुओं ने माथा टेका। इस शुभ अवसर पर बाहरी राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए मंदिर पहुंचे और आशीर्वाद प्राप्त किया।
कतारों में खड़े होकर श्रद्धालुओं ने शांति व्यवस्था बनाए रखी और शांति से माता के दर्शन किए। इसके बाद श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में भी आहुतियां डालीं और सुख समृद्धि की प्रार्थना की।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के कपाट सुबह 4:00 बजे खोल दिए गए थे। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। जत्थों में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए भेजा जा रहा था। पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली और अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु माता जी के दर्शनों के लिए पहुंचे। वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से पुख्ता प्रबंध किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
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श्रद्धालुओं ने काला जोहड़ धार्मिक स्थल पर किया स्नान
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बिलासपुर की पहाड़ियों पर स्थित रमणीक और ऐतिहासिक काला जोहड़ नामक धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। यह स्थल श्री नयना देवी जी से करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। श्रद्धालुओं ने वहां पर स्नान किया और मंदिर में पूजा अर्चना भी की। माना जाता है कि यहां पर स्नान करने से निसंतान की दंपतियों को संतान की प्राप्ति होती है। इस कारण श्रद्धालु दूर-दूर से इस सरोवर में स्नान करने और दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। मंदिर के सेवादार अमरनाथ का कहना है कि यह प्राचीन मंदिर सदियों पुराना है। यहां पर हर समय जल भरा रहता है। गर्मियों के दिनों में भी इसका जल सूखता नहीं है। मंदिर में हर समय श्रद्धालुओं के लिए चाय पानी की व्यवस्था भी की गई है और ठहरने की व्यवस्था भी है।