जिला प्रशासन ने मार्कंडेय मंदिर के अधीन आने वाली दुकानों से किराया वसूला है। पिछले एक साल से मंदिर के अधीन आने वाले 11 दुकानदारों से प्रशासन को किराया नहीं दिया था। जिससे प्रशासन पर काफी दबाव भी था। सदर तहसीलदार जयगोपाल शर्मा ने दुकानदारों से बातचीत कर उन्हें बचा हुआ किराया देने को कहा। जिस पर 11 दुकानदारों में से 9 ने किराया दे दिया है। जो 90 हजार के करीब है। गौरतलब है कि जबसे सरकार ने मार्कंडेय मंदिर का अधिग्रहण किया है, तब से मंदिर न्यास के अधीन आने वाली दुकानों से किराया वसूलना शुरू कर दिया है। हालांकि एक साल पहले तो दुकानदार किराया दे रहे थे, लेकिन करीब एक साल से इन दुकानदारों ने किराया देना छोड़ दिया था। ऐसे में प्रशासन पर भी लगातार दुकानदारों से किराया वसूलने को लेकर दबाव बन रहा था। बाद में सदर तहसीलदार के हस्तक्षेप करने के बाद दुकानदारों ने प्रशासन को किराया दे दिया है।
उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा मार्कंडेय मंदिर को अधिग्रहण किए जाने को लेकर काफी बवाल हुआ था। कई बार तो स्थिति भी तनावपूर्ण हो गई थी।
सदर तहसीलदार जयगोपाल शर्मा ने बताया कि मार्कंडेय मंदिर के अधीन आने वाली दुकानों का एक साल से किराया प्रशासन को नहीं मिला था। जो अब मिल गया है। उन्होंने बताया कि 11 दुकानदारों में से नौ ने किराया दे दिया है। एक या दो दिनों में बाकी दो दुकानों का किराया भी आ जाएगा।