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कांस्य पदक लेकर लौटी ऋषिका का शानदार स्वागत

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अमर उजाला ब्यूरो
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बरमाणा (बिलासपुर)। बरमाणा के पंजगाई स्कूल की ऋषिका का मंगलवार को स्कूल पहुंचने पर शानदार स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों के साथ ऋषिका को मंच तक लाया गया जहां पर बतौर मुख्यातिथि पहुंचे सदर तहसीलदार जयगोपाल शर्मा ने ऋषिका को सम्मानित किया। ऋषिका ने हरियाणा में हुई कुश्ती प्रतियोगिता मेें हिमाचल को कांस्य पदक को दिलवाया है।
स्कूल प्रधानाचार्य अश्वनी गुप्ता ने विजेता खिलाड़ी का स्कूल पहुंचने पर स्वागत किया, जबकि डीपीई जगदीश कुमार को बधाई दी। प्रधानाचार्य ने कहा कि यह स्कूल के लिए गर्व की बात है कि उनके स्कूल की बेटी ने नेशनल खेलों में प्रदेश व स्कूल को कांस्य पदक दिलवाया है।
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वहीं बतौर मुख्यातिथि पहुंचे सदर तहसीलदार जयगोपाल शर्मा ने भी युवाओं को खेलों में बढ़चढ़ कर भाग लेने पर बल दिया। अगर युवा खेलों के प्रति जुझारू होंगे तो वह नशे से दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह आज काफी दिनों के बाद सुबह की प्रार्थना में पहुंचे हैं जिससे उनकी बचपन की यादें ताजा हुई हैं। शर्मा ने कहा कि वह भी कबड्डी के नेशनल खिलाड़ी रह चुके हैं। उन्होंने बच्चों को मेहनत से कार्य करने व पढ़ने पर बल दिया। इसके अलावा उन्होंने स्कूल प्रबंधन को भी स्कूल की छात्रा की इस उपलब्धि पर बधाई दी। किताबों से ही कोई बड़ा नहीं बन सकता, एक अच्छा खिलाड़ी खेलों के माध्यम से अपना भविष्य बेहतर बना सकता है। वहीं पंचायत प्रधान सुशील शर्मा ने भी स्कूल प्रबंधन व खिलाड़ियों को बधाई दी है।
गौरतलब है कि पाठशाला के 70 से ज्यादा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बाक्सिंग व रेसलिंग में प्रदेश व स्कूल को मेडल दिलवा चुके हैं। जबकि ऋषिका स्कूल की पहली ऐसी छात्रा है जिसका चयन खेलो इंडिया के लिए हुआ है। अगर यह खेलो इंडिया में प्रथम स्थान पर आती है तो सरकार की ओर से इसे हर साल पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि आठ सालों तक दी जाएगी। इस मौके पर एसएमसी प्रधान छोटाराम, सलाहकार सुनील गौतम, बनिता शर्मा, सुशीला शर्मा, रजनी शर्मा, गोमती चंदेल, ऋषिका के पिता अशोक शर्मा सहित अन्य कई उपस्थित थे।
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सरकार से की खेल विभाग की मांग
वहीं डीपीई जगदीश कुमार ने सरकार से मांग की है कि उन्हें खेल विभाग दिया जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। उनका कहना है कि ऐसे में वहीं बच्चे इस विभाग में आएंगे जो खेलो में जाना चाहते हैं। उनका कहना है कि वह खिलाड़ियों को इस तरह प्रशिक्षण देंगे जिससे वह ओलंपिक में भारत को मेडल दिलवा सके।
 
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