अवैध कब्जे हटाने का दिनभर सताता रहा डर
शहर में रहा तनावपूर्ण माहौल, रौैड़ा सेक्टर में एकत्रित हुए विस्थापित
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
जिला प्रशासन की ओर से सोमवार को अवैध कब्जों को हटाने की खबर का पता लगने के बाद शहर में दिनभर माहौल तनावपूर्ण रहा। तोड़फोड़ के विरोध में भाखड़ा विस्थापित भी रौैड़ा सेक्टर में भारी संख्या में एकत्रित हुए। हालांकि, प्रशासन ने सोमवार को किसी तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं की। लेकिन दिनभर शहर में लोग दबी जुबान में यही कहते रहे कि पता नहीं अब क्या होगा।
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद से ही बिलासपुर शहर में लोगों की धुकधुकी बढ़ गई थी। कोर्ट के जिस तरह जिला प्रशासन को आदेश दिए थे कि वह बिलासपुर में किए गए अवैध कब्जों को हटाए, उसी दिन से भाखड़ा विस्थापितों के माथों पर चिंता की लकीरें पैदा शुरू होना हो गई थीं। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक किसी भी तरह की तोड़फोड़ नहीं की। इससे लोगों को एक दिन और चैन की नींद घर में सो सकेंगे। अब सभी की शिमला हाईकोर्ट में होने वाली पेशी पर निगाहें होंगी।
रौड़ा सेक्टर में तैनात करना पड़ा पुलिस बल
प्रशासन की ओर से सोमवार को अवैध कब्जों को तोड़ने के विरोध में भाखड़ा विस्थापित शहर के रौड़ा सेक्टर में एकत्रित हो गए थे। किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए प्रशासन ने वहां पर भारी पुलिस बल भी तैनात कर दिया था।
बाजारों में रहा चर्चाओं का माहौल
अवैध कब्जों पर प्रशासन का डंडा चलने के बारे में शहर के बाजारों में चर्चाओं का माहौल रहा। बाजार के दुकानदार एक-दूसरे से प्रशासन की गतिविधि का जायजा पूछते हुए नजर आए। एक-दूसरे को कॉल कर यह पूछा जा रहा था कि क्या तोड़-फोड़ की कार्रवाई शुरू हो गई कि नहीं। शहर के डियारा, गांधी, मुख्य बाजार और गुरुद्वारा मार्केट में पूरा दिन भर लोग यही जानने में लगे रहे कि तोड़फोड़ शुरू हुई या नहीं।