बिलासपुर। अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी से माल ढुलाई का पर्याप्त काम न मिलने के कारण फिर से करीब चार हजार ट्रक ऑपरेटरों पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी संबंध में मंगलवार को ऑपरेटरों ने उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा और मांग की है कि कंपनी को इस संबंध में आदेश दिए जाएं। ऑपरेटर को 100 फीसदी कार्य दिया जाए। ऑपरेटरों का कहना है कि कंपनी अभी तक मात्र 30 से 40 फीसदी ढुलाई कार्य ही ऑपरेटरों को दे रही है।
ऑपरेटरों में महेंद्र सिंह ठाकुर प्रधान परिवहन सभा खारसी, दौलत सिंह ठाकुर महासचिव, प्रेम सिंह ठाकुर प्रधान परिवहन सभा रानीकोटला, मान सिंह महासचिव परिवहन सभा रानीकोटला, दीपचंद शर्मा सदस्य मांगल परिवहन सभा का कहना है कि समन्वय समिति व अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन से वार्ता हुई। तीन महीनों तक काम सुचारु रूप से चलाने के लिए कंपनी प्रबंधन की तरफ से समय मांगा गया। लेकिन आज लगभग 7 महीने बीत जाने के बाद भी सिर्फ 30 से 40 प्रतिशत ढुलान कार्य ही दिया जा रहा है। वहीं कंपनी ने धनोटू, सुंदरनगर व घणाहटी में सहकारी सभाओं की सहमति के बिना सीमेंट के डंप खोल दिए। इन डंपों में सीमेंट की सप्लाई नालागढ़ स्थित बघेरी के प्लांट से की जा रही है। इससे यहां पर कार्यरत 4000 ट्रकों मालिकों पर आर्थिक संकट गहरा गया।
जब जेपी कंपनी इस प्लांट को चला रही थी तो 2 वर्षों से करोड़ों रुपये का भुगतान नहीं किया गया। इसके कारण ट्रक ऑपरेटरों को ढुलाई का कार्य मजबूरन बंद करना पड़ा। जेपी कंपनी की ओर से रूड़की और पानीपत को क्लींकर की ढुलाई होती थी। लेकिन अल्ट्राटेक कंपनी ने वहां पर माल भेजना बंद कर दिया। कंपनी अभी तक ढुलान का अनुबंध भी परिवहन सभाओं से नहीं कर पाई है। उक्त ऑपरेटरों ने उपायुक्त ने इस संबंध में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।