अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। हिमाचल सोशल बॉडीज फेडरेशन की ओर से दिल्ली में रविवार को हिमाचल मिलन के 47वें वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शिरकत की और समारोह को संबोधित किया। हिमाचल सोशल बॉडीज फेडरेशन दिल्ली, एनसीआर और हिमाचल में रहने वाले हिमाचलियों के कल्याण के लिए काम कर रहा एक सामाजिक संगठन है।
कार्यक्रम में नड्डा ने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश में रहने वालों की पहचान संपूर्ण विश्व में एक सच्चे, मेहनतकश पहाड़ी की है। उनकी ताकत, मेहनत, ईमानदारी, लगाव और निष्ठा उनकी पहचान है, जिसे हमें संभाल कर रखना है।
नड्डा ने कहा कि हिमाचली लोग बोलते कम, सोचते ज्यादा हैं और जब बोलते हैं तो वह बहुत तुला हुआ रस होता है। हमारी चुप्पी, कमजोरी नहीं हमारी ताकत है। ये पहाड़ी होने की विशेषता है जो कि समूचे हिमाचल प्रदेश में एक समान रूप से मिलती है। 1961 में हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर राष्ट्रीय स्तर से नीचे थी और आज यह देश के अग्रणी तीन में है। हिमाचल प्रदेश साक्षरता दर में सबसे आगे है।
प्रदेश की जनसंख्या मात्र 60 से 70 लाख होने पर भी प्रधानमंत्री के सहयोग से प्रदेश में सात मेडिकल कॉलेज खुले हैं और एक एम्स की सौगात मिली है जो कि जल्द ही बन कर तैयार होगा। संपूर्ण प्रदेश को इसका लाभ मिलेगा। आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश में लगभग 1000 डॉक्टर प्रति वर्ष तैयार होंगे। नड्डा ने हिमाचल सोशल बॉडीज फेडरेशन के द्वारा हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए चलाए जा रहे अनेक लाभकारी योजनाओं की सहायता के लिए फेडरेशन को एक लाख रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की।