अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। जिला अस्पताल बिलासपुर में गायनी के एक मात्र डॉक्टर होने के कारण अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है। हालत ऐसी है कि एक डॉक्टर वार्ड में राउंड करने के साथ ऑपरेशन और ओपीडी का काम देख रही है। यही नहीं ओपीडी भी 100 से 130 तक की। ऐसे में एक डॉक्टर को अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है। वहीं मरीजों को भी घंटों कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए जिला अस्पताल में कुछ डॉक्टरों की नियुक्ति हाल ही में की गई है लेकिन गायनी विशेषज्ञ जिला अस्पताल में एक ही है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि एक डॉक्टर क्या-क्या करें क्योंकि एक डॉक्टर होने के कारण पहले उसे वार्ड में राउंड में जाना पड़ रहा है, वहीं उसके बाद ओपीडी में सैकड़ों मरीजों को देखना और ऑपरेशन करने जैसे सभी कार्य एक डॉक्टर को ही करने पड़ रहे हैं। जबकि ऑपरेशन डे के दिन ओपीडी मजबूरी में बंद भी रखनी पड़ती है। इस कारण गर्भवती महिलाओं को मजबूरी में बिना उपचार के भी घर लौटना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि लोगों की समस्या को देखते हुए और गायनी विशेषज्ञ जिला अस्पताल में तैनात किए जाएं।
इधर, इस संबंध में एमएस डॉ. राजेश आहलूवालिया का कहना है कि अभी डॉ. अनुपम गायनी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। अकेले होने के बाद भी डॉ. अनुपम बेहतर सेवाएं दे रहे हैं।
इनसेट...
भरोसा इतना की उपायुक्त के बेटे ने भी सरकारी अस्पताल में लिया जन्म
डॉ. अनुपम पर लोगों को इतना भरोसा है कि लोग घंटों लाइन में बैठक कर उनका इंतजार करते हैं। यही नहीं हाल में उपायुक्त की धर्मपति ने भी डॉ. अनुपम की देखरेख में पुत्र को जन्म दिया है।